कंपनियों को काली सूची में डालने से तोपखाने का आधुनिकीकरण प्रभावित होगा : कपूर
यह घटना चिंता का कारण है, क्योंकि सेना पिछले 23 वर्षो के दौरान एक भी तोप नहीं खरीद पाई है।
कपूर ने यहां संवाददाताओं को बताया, "जब तक सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) जांच का काम पूरा कर पाएगी, तब तक देर हो चुकी होगी और इससे अति हल्के हावित्जर श्रेणी की तोपों की खरीदी का काम प्रभावित होगा।"
सिंगापुर टेक्नोलॉजी की अति हल्की छोटी पेगैसस तोप भारतीय सेना के 29 अरब रुपये के 140 तोपों के आर्डर के लिए एक प्रमुख प्रतियोगी है।
सेना के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "पीगैसस तोपों का इसी गर्मी के मौसम में राजस्थान में परीक्षण किया जाना था। कंपनी को काली सूची में डालने से पूरा कार्यक्रम निश्चित रूप से बेकार हो जाएगा।"
काली सूची में डाली गई अन्य कंपनियों में इजरायली मिल्रिटी इंडस्ट्रीज, बीवीटी पोलैंड और सिंगापुर की मीडिया आर्किटेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा तीन भारतीय कंपनियां (टी.एस.किशन एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, आर.के.मशीन टूल्स तथा एचवाइटी इंजीनियरिंग कंपनी) शामिल हैं।
सीबीआई ने आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के पूर्व महानिदेशक सुदीप्तो घोष के खिलाफ कोलकाता में 17 मई को अपराध निरोधक अधिनियम के तहत एक मामला दायर किया है।
सीबीआई की ओर से दर्ज कराई गई प्राथिमिकी में सातों कंपनियों का नाम शामिल किया गया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने भारतीय अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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