लवलीन ने केरल की परियोजनाओं में लेनदेन से किया इंकार
टोरंटो, 12 जून (आईएएनएस)। भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो के सदस्य व केरल के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन से संबंधित 300 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत घोटाले को लेकर चर्चा में आई कनाडा की इंजीनियरिंग कंपनी एसएनसी लवलीन ने शुक्रवार को इस मामले में किसी भी प्रकार के गलत तरीके से लेनदेन के आरोपों का खंडन किया है।
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को विजयन और एसएनसी लवलीन कंपनी व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है।
आरोप पत्र में कहा गया है कि 1977 में जब विजयन राज्य के ऊर्जा मंत्री थे तो उन्होंने तीन ऊर्जा संयंत्रों के जीर्णोद्धार के लिए कनाडा की इस कंपनी को नियम कायदों को ताक पर रखकर ठेका दिया था।
एसएनसी लवलीन कंपनी के वैश्विक जनसंपर्क विभाग की उपाध्यक्ष जिलियन मैककोर्मेक ने आईएएनएस से कहा, "इस परियोजना की शुरुआत से लेकर अब तक हमने कुछ भी गलत नहीं किया है।"
रिश्वत शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा, "हमारे पास छुपाने को कुछ भी नहीं है। सही मायने में भारत के साथ पिछले 50 वर्षो से जो हमारे संबंध रहे हैं, हमें उस पर गर्व है। भारत के आर्थिक विकास में हमारा बहुत योगदान रहा है।"
मैककोर्मेक ने कहा, "हमारी कंपनी ने हमेशा ही पेशेवर तरीके से और भारतीय कानून के मुताबिक अपने कार्यो को अंजाम दिया है।"
उन्होंने कहा, "हमने केरल में निर्धारित समय के मुताबिक तीन ऊर्जा परियोजनाओं को पूरा किया। हमें हमारे कामों के लिए लिखित तौर पर प्रशंसा भी मिली है।"
उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी ने एक कैंसर अस्पताल के निर्माण में केरल के अधिकारियों को मदद भी दी, जो कि कई वर्षो से अपनी सेवा दे रहा है।
मैककोर्मेक ने कहा कि कथित आरोप के संबंध में किसी ने भी उनकी कंपनी से संपर्क नहीं किया। हालांकि इस बारे में वह मीडिया में खबरें जरूर पढ़ती रहती हैं।
उन्होंने कहा, "हम अपने भारतीय ग्राहकों के साथ सकारात्मक माहौल में काम करते रहना चाहते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications