पेशावर विस्फोट: मृतकों की संख्या 18 हुई

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के शहर पेशावर में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है जबकि 60 लोग घायल हैं. बंदूकधारी पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल के बाहर सुरक्षा घेरे में घुस गए और विस्फोटकों से भरे एक वाहन को उड़ा दिया. पुलिस के मुताबिक वाहन में करीब 500 किलोग्राम विस्फोटक थे. मृतकों में दो विदेशी राहतकर्मी भी शामिल हैं. किसी ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि होटल कॉन्टिनेंटल पेशावर का सबसे मशहूर पाँच सितारा होटल है और इसे एक तरह से बाहरी दुनिया के साथ पेशावर का संपर्क बिंदु माना जाता है. यहाँ सरकारी अधिकारी और विदेशी कूटनयिक आकर रहते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने हमले की निंदा की है लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस हमले से किसी को हैरत नहीं हुई है.
हमला
बंदूकधारी अपनी गाड़ी होटल के अंदर ले आए और होटल के पास आते ही उसे उड़ा दिया. मैं उस समय चीनी रेस्तरां में काम कर रहा था, तभी मैने गोलीबारी की आवाज़ सुनी अली खान
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पेशावर स्वात घाटी से ज़्यादा दूर नहीं है जहाँ पाकिस्तानी सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा हुआ है. संवाददाता के मुताबिक ज़्यादातर लोग यही मानकर चल रहे हैं कि हमला तालेबान ने किया है. पेशावर में समन्वय अधिकारी साहिबज़ादा अनीस ने बताया है कि हमले में सर्बिया की एक राहतकर्मी की मौत हो गई है जबकि घायल होने वालों में ब्रिटेन, जर्मनी के नागरिक शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि इस घिनौने आतंकवादी हमले को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता. प्रत्यक्षदर्शियों ने बीबीसी को बताया कि करीब पाँच किलोमीटर की दूरी से भी धमाके को देखा जा सकता था. धमाके के बाद होटल के कई हिस्से नष्ट हो गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों की ज़ुबानी
एपी ने पुलिस अधिकारी लियाक़त अली के हवाले से लिखा है कि तीन लोग होटल के मुख्य गेट पर आए और सुरक्षागार्डों पर गोलियाँ चलाना शुरु कर दिया और फिर गाड़ी अंदर ले गए. एक होटल में वेटर का काम करने वाले अली खान ने बताया, "बंदूकधारी अपनी गाड़ी होटल के अंदर ले आए और होटल के पास आते ही उसे उड़ा दिया. मैं उस समय चीनी रेस्तरां में काम कर रहा था, तभी मैने गोलीबारी की आवाज़ सुनी."
हमले में घायल हुए जावेद चौधरी का कहना है कि जब हमला हुआ तो वे अपने कमरे में थे. उनका कहना था, “ज़मीन थर्राने लगी. मुझे लगा कि छत गिर जाएगी. मैं वहाँ से भागा. हर ओर खून और काँच के टुकड़े बिखरे हुए थे." संवाददाताओं का कहना है कि पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम होते हैं. वहाँ आने वाले वाहनों की जाँच होती है और फिर लोगों की मेटल डिटेक्टर के ज़रिए जाँच होती है.
स्वात घाटी में पिछले कई दिनों से तालेबान के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी सेना का अभियान चल रहा है. तालेबान के नेताओं का कहा है कि वे बदला लेने के लिए पाकिस्तानी शहरों पर हमले करेंगे. पिछले महीने ही लाहौर में बड़ा हमला हुआ था जिसमें 28 लोग मारे गए थे. जबकि साल सितंबर में इस्लामाबाद के मैरियट होटल में हुए धमाके में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और 266 घायल हुए थे.


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