'अहमदीनेजाद पर नियंत्रण' की अपील

ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पूर्व राष्ट्रपति रफ़संजानी ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई से राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद पर नियंत्रण लगाने की अपील की है. पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी ने ईरान के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई से अपील की है कि मौजूदा राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद पर कुछ लगाम लगाई जाए.
पिछले हफ़्ते टेलीविज़न पर हुई एक बहस में अहमदीनेजाद ने आरोप लगाया था कि रफ़संजानी और अन्य राजनेता भ्रष्ट थे. उन्होंने विपक्षियों पर अर्थव्यवस्था की हालत के बारे में झूठ बोलने का आरोप भी लगाया. माना जा रहा है कि इस बार अहमदीनेजाद का सुधारवादी नेता मीर हुसैन मुसावी से कड़ा मुक़ाबला है. दो अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं.
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राजधानी तेहरान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति अहमदीनेजाद विरोधियों पर काफ़ी बरसे और उन्होंने कहा कि ईरान की जनता उनके विरोधियों को इतिहास की गर्त में धकेल देगी.
बड़ी संख्या में भीड़
तेहरान में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि जनसभाओं में लोग काफ़ी बड़ी संख्या में पहुँचते हैं और वो भीड़ राजनीतिक कार्यकर्ताओं की बजाए फ़ुटबॉल मैच देखने वाली उत्साही भीड़ ज़्यादा दिखती है. शुरुआत में ऐसा लगा कि चुनाव प्रचार काफ़ी धीमा है मगर बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार जब से टेलीविज़न पर प्रत्याशियों के बीच बहस हुई है तब से उत्साह काफ़ी बढ़ा है.
पिछले राष्ट्रपति चुनाव में 2005 में रफ़संजानी ही अहमदीनेजाद के प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी थे और इससे पहले वो 1989 से 1997 तक राष्ट्रपति भी रह चुके हैं. सर्वोच्च नेता को लिखा उनका खुला पत्र कई अख़बारों में प्रकाशित हुआ है जहाँ उन्होंने कहा है कि अहमदीनेजाद के बयानों से इस्लामी क्रान्ति का महत्त्व कम हो रहा है.
उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर भी राष्ट्रपति अहमदीनेजाद से कहा था कि वो अपनी टिप्पणी वापस लें. रफसंजानी ने उस बयान को 'ग़ैर-ज़िम्मेदाराना और असत्य' बताया था. उन्होंने अयातुल्ला ख़मेनेई से विवाद सुलझाने के लिए कहा.
ख़मेनेई से अपील
एएफ़पी समाचार एजेंसी ने पूर्व राष्ट्रपति के हवाले से कहा, "आपकी ज़िम्मेदारी, व्यक्तित्त्व और स्थान को देखते हुए मैं अपील करता हूँ कि आप ये मसला सुलझाएँ और इस तरह का क़दम उठाएँ जो प्रभावी हो." 14 अन्य प्रभावी उलेमा ने भी रफ़संजानी की इस बात का समर्थन किया है. अहमदीनेजाद ने तेहरान में एक जनसभा में समर्थकों से कहा कि उन्होंने सरकारी टेलीविज़न पर आने की अनुमति माँगी है जहाँ वो अर्थव्यवस्था को लेकर मुसावी और अन्य प्रत्याशियों की जो शिकायत है उसका जवाब विभिन्न ग्राफ़ के ज़रिए देंगे.
वो संदेश प्रसारित किया जाए या नहीं इस बारे में अभी कोई अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है. बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार अगर ऐसा होता है तो इससे अन्य प्रत्याशी नाराज़ होंगे क्योंकि वे गुरुवार सुबह स्थानीय समयानुसार आठ बजे प्रचार समाप्त होने तक उसका जवाब नहीं दे सकेंगे.


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