रूस में हो सकती है मनमोहन और जरदारी की मुलाकात
नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। रुस के येकतरिनबर्ग शहर में अगले सप्ताह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुलाकात हो सकती है।
मुंबई हमले के बाद होने वाली दोनों नेताओं की यह भेंट महज औपचारिता ही होगी क्योंकि यह संभावना कम ही है कि दोनों देशों के बीच ठप्प पड़ी शांति वार्ता की प्रक्रिया बहाल हो।
उच्च पदस्थ एक सरकारी सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "मनमोहन और जरदारी की मुलाकात तय मानी जा रही है लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि यह मुलाकात क्या शक्ल अख्तियार करेगी। यह मुलाकात औपचारिकता भर होगी या फिर दोनों बिना किसी तय एजेंडे के मुलाकात करेंगे।"
उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरु करने के बारे में भारत सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान जब तक मुंबई हमलों के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करता और अपने यहां मौजूद आतंकवादी ढांचों को नष्ट नहीं करता, तब तक उसके साथ बातचीत नहीं की जाएगी।
पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "दोनों नेता एक ही जगह जा रहे हैं इसलिए उनका मिलना स्वाभाविक है। मुझे लगता है कि दोनों के बीच बैठक भी होगी।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री को जरदारी से भेंटकर उनसे कहना चाहिए कि वह भारत को आश्वस्त करें कि भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि चलाने वाले गुटों, विशेषकर मुंबई आतंकी हमलों के दोषियों के खिलाफ आखिर क्या कार्रवाई की जा रही है।"
मनमोहन सिंह और जरदारी औद्योगिक शहर येकतरिनबर्ग में 15-16 जून को रहेंगे। वे वहां बीआरआईसी (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) शिखर बैठक तथा छह देशों वाली शंघाई कार्पोरेशन आर्गेनाइजेशन बैठक में हिस्सा लेंगे।
रूसी शहर के दोहरी शिखर वार्ताओं का आयोजन स्थल होने के नाते सभी की निगाहें भारत और पाकिस्तान पर टिकी रहेंगी।
आतंकवादी सरगना हाफिज सईद की पाकिस्तान में रिहाई से नाराज होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने गत नौ मई को संसद में पाकिस्तान से बातचीत की ठप्प पड़ी प्रकिया को फिर से पटरी पर लाने के संकेत दिए थे
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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