'चीनी धोखाधड़ी' के बाद अफ्रीका में शुरू हुआ भारतीय अभियान
सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "इस अभियान का मकसद अफ्रीकी देशों के मंत्रियों और आला अधिकारियों को यह बताना है कि भारतीय दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनकी कीमत भी उचित है।"
बयान में कहा गया है कि यह अभियान भारत सरकार के 'ब्रांड इंडिया' प्रचार अभियान का एक हिस्सा है। अफ्रीकी देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों से मुलाकात के लिए वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल को भी रवाना कर दिया गया है।
यह अभियान नाइजीरिया में भारतीय उच्चायुक्त महेश कुमार सचदेव से मिली सूचना के बाद आरंभ किया गया है। सचदेव ने वाणिज्य मंत्रालय को बताया था कि नाइजरिया में 'मेड इन इंडिया' के लेबल के साथ नकीली दवाओं की खेप पकड़ी गई थी। हालांकि ये दवाएं चीन में बनी थीं।
गौरतलब है कि भारत के 11 अरब डॉलर के दवा उद्योग को वर्ष 2015 तक 9.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का अनुमान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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