ब्याज दर घटाएं बैंकः प्रणब मुखर्जी

वित्त मंत्री ने कहा कि देश की इकनॉमिक कंडीशन को सुधारने के लिए यह जरुरी है। कि बैंक मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए उचित इंटरेस्ट रेट पर ही कर्ज दें। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अन्य बैंकों का बोझ कम करने के लिए प्रमुख दरों में कटौती की लेकिन उसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।
मुखर्जी ने कहा, "आज हमें अपनी अर्थव्यवस्था से काफी उम्मीदें हैं। पिछली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर 5.8 फीसदी थी और वर्ष 2008-09 की सालाना विकास दर 6.7 फीसदी के आसपास थी।" उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की बदौलत अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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