पार्टी से निलंबित पदमसिंह पाटिल

पाटिल को तीन दिन पहले कांग्रेस नेता पवनराज निबांलकर की हत्या के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार कर लिया था.
नई दिल्ली में एनसीपी के कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्यमंत्री प्रफुल्ल पटेल ने इसकी घोषणा की.
क़ानूनी प्रक्रिया
पटेल ने कहा कि क़ानूनी प्रक्रिया में किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाटिल जाँच पूरी होने तक पार्टी से निलंबित रहेंगे.
उन्होंने कहा कि अगर पाटिल पर दोष सिद्ध नहीं होता है तो उन्हें पार्टी में फिर से शामिल कर लिया जाएगा लेकिन अगर उन पर दोष सिद्ध हो जाता है तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा.
क़ानूनी प्रक्रिया में किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाटिल जाँच पूरी होने तक पार्टी से निलंबित रहेंगे प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी नेता
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निंबालकर की 2003 में हत्या हुई थी. इस हत्याकांड में गिरफ़्तार पारसमल जैन के बयान के बाद सीबीआई ने पाटिल को इस महीने की छह तारीख़ को अपनी हिरासत में ले लिया था.
जैन ने सीबीआई को दिए बयान में कहा था कि पाटिल ने निंबालकर की हत्या के आदेश दिए थे. क्राइम ब्रांच को जैन ने बताया था कि पाटिल ने उसे निंबालकर की हत्या के लिए 30 लाख रुपए की सुपारी दी थी.
सात जून को सीबीआई के पुलिस अधीक्षक अमिताभ ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया था कि सीबीआई ने पाटिल को हिरासत में लेकर दक्षिण मुंबई स्थित अपने कार्यालय में रातभर पूछताछ की है.
व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता
पाटिल को हिरासत में लेने के बाद सीबीआई ने इसकी जानकारी लोकसभा अध्यक्ष को दे दी थी.
निंबालकर और पाटिल के बीच व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता चल रही थी.
इस मामले की जाँच सीबीआई ने पिछले साल अपने हाथ में ली थी और पारसमल जैन, दिनेश तिवारी, मोहन शुक्ल और सतीश मानडाडे को गिरफ़्तार किया था. चारों लोग इस समय सीबीआई की हिरासत में हैं.
सीबीआई निंबालकर की पत्नी आनंदी देवी और पुत्र ओमराज के बयान दर्ज कर चुकी है.


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