पाक विस्थापित महिलाओं की तकलीफें बढ़ा रहे हैं सामाजिक बंधन
हाल ही में मरदान में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से महिला चिकित्सकों और नर्सो का एक दल पहुंचा था। इस दल का नेतृत्व करने वाली सहायक प्रोफेसर आसिमा करीम ने बताया, "विस्थापितों के लिए बनाए गए शेख शाहजाद और शेख यासीन शिविरों में हजारों महिलाएं गर्भवती हैं और अगले कुछ महीनों में ही उनका प्रसव होना है।"
पाकिस्तानी समाचार चैनल 'डॉन न्यूज' के साथ बातचीत में आसिमा ने बुधवार को कहा, "ज्यादातर गंर्भवती महिलाएं सैकड़ों मील पैदल चलकर और उचित भोजन और विश्राम के बिना यहां तक पहुंची हैं। उनकी हालत संतोषजनक नहीं है लेकिन वे सिर्फ महिला चिकित्सकों और नर्सो को ही अपनी समस्यांए बताना चाहती हैं।"
आसिमा का कहना है कि ज्यादतर जगहों पर हैजा और डायरिया जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने का खतरा है। इन जगहों पर तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियय तक है। वह कहती हैं, "बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आते हैं जो यह कहते हैं कि हमारा मुफ्त उपचार भले मत कीजिए लेकिन मिनरल वाटर की एक अतिरिक्त बोतल दे दीजिए।"
उन्होंने कहा कि इन शिविरों में महिलाओं के लिए असुरक्षा नहीं है। आसिमा ने कहा, "बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ होने के बाद हमारा आभार व्यक्त करने आते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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