रुड ने भारतीयों पर हमले को शहरी जीवन की वास्तविकता कहा (लीड-2)
एक समाचार पत्र ने रुड के हवाले से कहा,"यह सत्य है हमारे पूरे देश के शहरों में हिंसा की घटनाएं रोजाना होती हैं। शहरी जीवन की यह एक खेदजनक वास्तविकता है।"
रुड ने किसी भी देश या प्रांत के व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की निंदा की। उन्होंने शांति का वातावरण बनाने के लिए हर किसी से संयम बरतने को कहा।
उन्होंने कहा कि भारत में भी आस्ट्रेलियाई नागरिकों पर ऐसे हमलों का खतरा रहता है। पिछले एक दशक में भारत में 20 आस्ट्रेलियाई नागरिकों की हत्या हुई या वे हमले के शिकार हुए।
रुड ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि भारत में आस्ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। यह सत्य है कि दुनिया के सभी शहरों में हिंसा होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेशी छात्रों के लिए आस्ट्रेलिया दुनिया का सबसे सुरक्षित देश है। मेलबर्न और सिडनी में निगरानी समूहों के गठन की सूचना के बाद उन्होंने भारतीयों के जवाबी हमले के खिलाफ चेतावनी भी दी।
रुड ने कहा,"मैं कहीं भी किसी भी छात्र के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ कड़े उपाय अपनाने का पूरा समर्थन करता हूं लेकिन साथ ही लोगों द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने को भी हमें पूरी तरह नकारने की जरूरत है।"
सिडनी के उपनगर हैरिस पार्क में यातायात में रुकावट डाल रहे 70 प्रदर्शनकारियों में से एक पर हथियार रखने का आरोप लगाया गया है। यहां भारतीयों ने लेबनानी मूल के लोगों पर हमले का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने भी आस्ट्रेलिया में अध्ययनरत 90,000 से अधिक भारतीय छात्रों को संयम बरतने को कहा है।
मेलबर्न में पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशनों पर अपराधों को रोकने का अभियान आरंभ करने को वहां रहने वाले छात्रों ने अपनी जीत करार दिया। मेलबर्न में देर रात सफर करने वाले और नस्लीय हमलों का निशाना बन रहे यात्रियों की सुरक्षा के लिए निगरानी समितियों का गठन किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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