मांग बढ़ाने के लिए घरेलू सामानों पर कर घटाया जाए : एसोचैम
एसोचैम के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने एक बयान में कहा, "यद्यपि औसत भारतीय की वार्षिक आय में महत्वपूर्ण तरीके से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन उस हिसाब से उसके पास बचत नहीं हो पा रही है, क्योंकि सरकार घरेलू सामानों की खरीद पर अकेले 45 प्रतिशत से अधिक परोक्ष करों के रूप में वसूल लेती है।"
जिंदल ने कहा कि निजी उपभोग पर खर्च फिलहाल 6.5 प्रतिशत के आसपास है। मांग बढ़ाने के लिए उसे 7.5 प्रतिशत पर लाया जाना चाहिए।
एसोचैम ने इस वित्त वर्ष के दौरान उत्पादन में 12 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करने के लिए एक 10 सूत्रीय रणनीति भी तैयार की है।
जिंदल द्वारा वित्त मंत्रालय को सौंपी गई सिफारिशों में विद्युत, टेलीकॉम और अन्य प्रमुख अधोसंरचना क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर जरूरी मंजूरी दे कर निवेश के रास्ते से अवरोधों को हटाना तथा छोटे व मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए नियमनों को आसान करना शामिल है।
एसोचैम ने कहा है, "औद्योगिक उत्पादन में उत्पादन को महत्व देना सर्वोपरि है और यह स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय है कि न तो हमारा उद्योग उम्मीदों पर खरा उतर पा रहा है और न उत्पादन ही।"
एसोचैम ने कहा है कि यदि उत्पादन क्षेत्र को एक वर्ष में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करनी है तो विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में हर हाल में 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर बनाए रखनी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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