आईएसआई का आतंकियों से संबंधः मुशर्रफ

Pervez musharraf
पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी (आईएसआई) की कारस्तानियों को उनके ही देश के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। मुशर्रफ ने इस बात को स्वीकार किया है कि आईएसआई के संबंध सिराजुद्दीन हक्कानी जैसे उग्रवादी कमांडरों के साथ हैं, और वह अपने फायदे के लिए आतंकियों का इस्तेमाल करती है।हक्कानी काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले का संदिग्ध सरगना है।

मुशर्रफ ने जर्मन पत्रिका 'डेर स्पीगेल' के साथ एक साक्षात्कार में यह भी माना कि आईएसआई ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत की मुक्ति के लिए 'हक्कानी के प्रभावों' का इस्तेमाल किया था जिन्हें बैतुल्ला महसूद के उग्रवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने अपहरण कर बंधक बना लिया था।

पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि हक्कानी 'जैसा कि आज हम जानते हैं, वह शख्स है जिसका असर खतरनाक आतंकवादी बैतुल्ला महसूद पर है जो दक्षिण वजीरिस्तान का सबसे खूंखार कमांडर और बेनजीर भुट्टो का हत्यारा है।' मुशर्रफ ने कहा, 'महसूद ने काबुल में हमारे राजदूत का अपहरण किया और हमारी खुफिया एजेंसी ने उनकी रिहाई के लिए हक्कानी के प्रभाव का उपयोग किया।'

हालांकि इतना कहने के बाद मुशर्रफ ने अपने देश का बचाव करते हुए यह भी कहा कि 'इसका यह मतलब नहीं कि पाक हक्कानी की हिमायत करता है। खुफिया सेवा कुछ खास दुश्मनों को कुछ दूसरे दुश्मनों के खिलाफ इस्तेमाल करती है। सबको एक साथ दुश्मन बना लेने से बेहतर है कि एक के बाद दूसरे से निबटा जाए।' पाकिस्तान आज तक इस संबंध में अमेरिका और भारत के दावों को गलत बताता रहा है।

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