यूरोपीय चुनाव में वामदलों को झटका

ब्रिटेन की लेबर पार्टी, जर्मनी के सोशल डेमोक्रेट्स और फ़्रांस की सोशलिस्ट पार्टी ऐतिहासिक हार की ओर बढ़ रही है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि मध्य दक्षिणपंथी यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) का यूरोपीय संसद में वर्चस्व क़ायम रहने की उम्मीद है.
ईपीपी की संभावित जीत के मद्देनज़र जोज़े मैनुएल बरोज़ो का यूरोपीय आयोग का दूसरी बार अध्यक्ष बनना भी तय माना जा रहा है.
बरोज़ो ने मतदाताओं को धन्यवाद दिया है और कहा है कि उनकी आवाज़ ज़रूर सुनी जाएगी.
उन्होंने कहा, "नतीजे उन पार्टियों और उम्मीदवारों की जीत हैं, जो यूरोपीय परियोजना का समर्थन करते हैं और जो ये समझते हैं कि यूरोपीय संघ की नीतियों में उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाता है."
निराशा
दूसरी ओर सोशलिस्ट नेता मार्चिन शुल्ज का कहना है कि उनके ग्रुप की हार की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा, "ये यूरोप में सामाजिक लोकतंत्र के लिए दुखद शाम है. ख़ासकर हम बहुत निराश हैं. ये हमारे लिए कड़वी शाम है."
नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, स्लोवाकिया और हंगरी में कट्टरवादी दक्षिणपंथी पार्टियों और आप्रवासन विरोधी पार्टियों को भी फ़ायदा मिला है.
ब्रिटिश नेशनल पार्टी को दो सीटें मिली हैं. पहली बार देशव्यापी चुनाव में उसे कोई सीट मिली है.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि आर्थिक संकट से जूझ रही कई सरकारों को भारी नुक़सान हो रहा है. हालाँकि फ़्रांस और जर्मनी की सत्ताधारी पार्टियों ने अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया है.
फ़्रांस में राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी की पार्टी ने विपक्षी सोशलिस्ट पार्टियों को धूल चटाई है. जर्मनी में चांसलर एंगेला मर्केल की मध्य दक्षिणपंथी पार्टी को नुक़सान तो हुआ है लेकिन पार्टी अब भी विरोधी पार्टियों से आगे है.
इटली में प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी का सत्ताधारी मध्य दक्षिणपंथी गठबंधन विपक्षी सोशलिस्ट से आगे है.
ब्रिटेन में सत्ताधारी लेबर पार्टी की भारी हार हुई है. स्पेन में सत्ताधारी सोशलिस्ट पार्टी विपक्षी पॉपुलर पार्टी से थोड़ी पीछे है.
यूरोपीय संसद में 785 सदस्य होते हैं. पिछली बार यूरोपीय पीपुल्स पार्टी के 288 सदस्य चुने गए थे.


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