आस्ट्रेलिया ने स्वीकारा, कुछ हमले नस्ली थे (लीड-3)
दक्षिण-पूर्वी प्रांत के मुख्य पुलिस आयुक्त सिमोन ओवरलैंड ने मेलबर्न में मीडिया से कहा कि कुछ लूटपाट के कुछ हमले नस्ली भावना से प्रेरित थे और कुछ अवसरवादी हमले किए गए।
ओवरलैंड ने कहा, "हमले के पीछे चाहे किसी तरह की भावना क्यों न हो इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता। लूटपाट की घटना और हिंसा किसी भी सूरत में उचित नहीं है।"
ओवरलैंड ने कहा कि आस्ट्रेलियाई समुदाय में नस्लवाद के लिए कोई स्थान नहीं है।
पिछले एक महीने में भारतीय छात्रों पर कम से कम 11 हमले किए गए हैं। विक्टोरिया में सोमवार रात 20 वर्षीय एक युवक पर हमला किया गया। युवक की गर्दन और बाजू पर चाकू घोंपा गया।
समाचार पत्र 'न्यू एज' के अनुसार युवक को कथित तौर पर भारतीय छात्रों पर नस्लीय टिप्पणियां करने के बाद निशाना बनाया गया।
हाल में हमले हुए हमलों को छात्र नस्लीय हमले करार देते हैं और उनका कहना है कि पुलिस इन्हें रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही।
आस्ट्रेलिया के पश्चिमी सिडनी उपनगर हैरिस पार्क में सोमवार रात करीब 200 भारतीय छात्रों ने दो भारतीयों पर लेबनानियों के हमले के बाद पुलिस के भेदभावपूर्ण व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन किया।
आस्ट्रेलिया में छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार रात से मंगलवार तड़के तक जारी रहा। इस दौरान तीन जातीय लेबनानियों पर हमला किया गया जिससे अंतर-सामुदायिक तनाव भड़कने की आश्ांका उत्पन्न हो गई है। इस शहर में 200 से ज्यादा देशों के लोग रहते हैं।
प्रदर्शन खत्म होने के बाद भारतीय समुदाय के नेता और न्यू साउथ वेल्स पुलिस के बीच बैठक हुई।
विक्टोरिया की जातीय समुदाय परिषद के अध्यक्ष सैम आफ्रा ने कहा है, "यदि पीड़ित ही हमले करने लगेंगे तो इस मामले में क्रिया-प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो जाएगा।"
आस्ट्रेलिया सरकार ने भारतीय छात्रों पर हमले की घटनाओं के मद्देनजर सरकार की कार्रवाई का समन्वयन करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डंकन लुईस के नेतृत्व में एक नया कार्यदल गठित किया है।
उधर नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हो रहे नस्लीय हमलों को 'निर्थक' हिंसा करार देते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार छात्रों की सुरक्षा के लिए आस्ट्रेलिया सरकार के साथ उच्चस्तरीय बातचीत करेगी। सरकार ने छात्रों से भी कहा कि वे संयम बरतें और जवाबी कार्रवाई जैसा रुख न अख्तियार करें।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा, "आस्ट्रेलिया में हमारे छात्रों पर किए गए निर्थक हिंसा और अपराध जिसमें से कुछ नस्लवाद से भी प्रेरित थे, से मैं दुखी हूं।"
उन्होंने कहा, "मौजूदा हालात की समीक्षा और भारतीय छात्रों को सुरक्षा मुहैया कराने को ध्यान में रखते हुए आस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी।"
आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रुड के साथ ही बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रुड ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारतीयों पर नस्लीय हमलों की घटनाओं से सख्ती से निपटा जाएगा।
इस बीच विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार ने भारतीयों छात्रों की सुरक्षा के लिए पूर्ण आश्वासन दिया है।
भारतीय छात्रों द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने की रिपोर्टो पर कृष्णा ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "मैं भारतीय छात्रों से अपील करूंगा कि वे संयम और धैर्य रखें। वे वहां उच्च अध्ययन के लिए गए हैं। उन्हें अपने अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए न कि जवाबी कार्रवाई पर।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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