सरकार आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी : प्रधानमंत्री
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा, "समुद्री सीमाओं की हिफाजत के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं, जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा था कि आतंकवाद कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि सामाजिक और आर्थिक असंतोष की वजह से जनजातीय इलाकों में 'वामपंथी उग्रवाद' लगातार फल-फूल रहा है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि वहां ऐसा माहौल है जिसमें हिंसा पनपती है। हमारा यह लक्ष्य होना चाहिए कि हम यह सुनिश्चित करें कि लोग सामाजिक और आर्थिक असंतोष की वजह से समाज की मुख्यधारा से कटकर उग्रवाद की ओर नहीं बढ़ जाएं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय इलाकों में कई प्रयास किए जाने के बावजूद काफी कुछ किया जाना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि जनजातीय इलाकों विशेषकर मध्य भारत के लिए समग्र विकास रणनीति पर नए सिरे से विचार की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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