मशहूर रंगकर्मी हबीब तनवीर नहीं रहे

हबीब तनवीर का जन्म 1923 में रायपुर में हुआ था। रंगकर्म की दुनिया में अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण और पद्म श्री सम्मान से भी नवाजा जा चुका था। वह इंडियन पीपल थियेटर एसोसिएशन (आईपीटीए) और प्रोग्रेसिव राइटर एसोसिएशन (पीडब्लू ए) जैसी संस्थाओ से भी जुड़े थे।
मशहूर नाटककार होने के साथ-साथ हबीब तनवीर निर्देशक, कवि और अभिनेता भी थे। हबीब तनवीर को कविता लिखने का शौक था और वर्ष 1945 में मुंबई पहुँचकर उन्होंने अपने शौक का भरपूर फ़ायदा उठाया। हबीब तनवीर ने ऑल इंडिया रेडियो, मुंबई के लिए काम भी किया और साथ ही हिंदी फ़िल्मों के लिए गाने भी लिखे। कुछ फ़िल्मों में उन्हें अभिनय का भी मौक़ा मिला।
हबीब तनवीर के नाटक न केवल संस्कृति के संवाहक थे बल्कि उनमें भारतीय सभ्यता की झलक भी दिखाई देती थी और यही बात उन्हें औरों से अलग करती थी। इसके अलावा वह अपने नाटकों के माध्यम से समय-समय पर सामाजिक कुरुतियों पर भी प्रहार करते थे। "पोंगा पंडित" इसी का उदाहरण है, जिसके कारण उन्हें कट्टरपंथियों का काफी विरोध भी झेलना पड़ा। उनकी मृत्यु रंगकर्म की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी पूर्ति संभव नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications