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महिला विधेयक का स्वरुप मंजूर नहीं

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Mulayam Singh

समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपना विरोधी रुख साफ कर दिया है और कहा है कि वो इस विधेयक के मौजूदा स्वरुप के ख़िलाफ़ हैं. पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव ने संसद भवन में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी बैठक कर के विधेयक पर गहन चर्चा करेगी.

उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी पहले भी महिला विधेयक का विरोध करती रही है. पार्टी नेता मुलायम सिंह का कहना था, '' हम जल्दी ही पार्टी की एक बैठक करने वाले हैं जिसमें इस विधेयक के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी.'' कांग्रेस और अन्य दलों के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि महिला विधेयक का विरोध करने वाले दलों की संसद में सीटें कम हो चुकी हैं, मुलायम का कहना था, ''हमारी सीटें भले ही कम हो गई हों लेकिन इस विधेयक के प्रति हमारी नीति अभी भी वही है.''

महिला विधेयक का विरोध करने वालों में जनता दल यू के शरद यादव, राजद के लालू प्रसाद और समाजवादी पार्टी प्रमुख हैं. पार्टी के महासचिव अमर सिंह का कहना था कि 'पार्टी ने कभी भी महिला आरक्षण विधेयक का विरोध नहीं किया है लेकिन विधेयक का मौजूदा स्वरुप पार्टी को मान्य नहीं है.'

उन्होंने कहा, '' अगर सरकार अपने सांसदों की बदौलत विधेयक पारित करवाना चाहती है तो वो ऐसा करवा सकती है लेकिन हम इसका विरोध करेंगे क्योंकि हमें लगता है कि अगर यह विधेयक मौजूदा स्वरुप में पारित हुआ तो की सांसदों का करियर ख़त्म हो जाएगा क्योंकि उनकी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी.''

अमर सिंह का कहना था कि आरक्षण का प्रतिशत राजनीतिक दलों की आम सहमति से तय होना चाहिए. उन्होंने कहा, '' राष्ट्रपति और लोकसभा स्पीकर दोनों ही महिला हैं लेकिन क्या वो आरक्षण के ज़रिए आई हैं. महिलाएं बिना आरक्षण के भी अपने लक्ष्यों को पा सकती हैं. हम नहीं कह रहे कि आरक्षण न हो लेकिन विधेयक में बदलाव होना चाहिए.''

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