साद हरीरी ने जीत का दावा किया

एक टेलीविज़न संबोधन में साद हरीरी ने चरमपंथी गुट हिज़्बुल्लाह के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन पर जीत का दावा किया. इस गठबंधन को सीरिया और ईरान का समर्थन था.
सोमवार शाम तक पूरे नतीजे आने की संभावना है. लेकिन बीबीसी संवाददाताओं ने साद हरीरी के क़रीबी सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि सत्ताधारी गठबंधन को 128 में से 70 सीटें मिल जाएँगी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हिज़्बुल्लाह के नेतृत्व वाले गठबंधन के एक नेता के हवाले से ख़बर दी है कि विपक्षी गठबंधन ने हार स्वीकार कर ली है.
साद हरीरी ने राजधानी बेरूत में अपने उत्साहित समर्थकों को भी संबोधित किया और कहा- आपको बधाई, आज़ादी को बधाई, लोकतंत्र को बधाई. इन चुनावों में न किसी की हार हुई है और न कोई जीता है. एकमात्र विजेता लोकतंत्र और लेबनान है.
अगर हरीरी के गठबंधन को 70 सीटें मिलती हैं, तो संसद में उसका बहुमत बढ़ेगा. रविवार को हुए चुनाव में क़रीब 52 प्रतिशत मत पड़े.
रिकॉर्ड मतदान
लेबनान के आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री ज़ायेद बरौद ने कहा कि वर्ष 2005 के मुक़ाबले ज़्यादा लोगों ने इस बात मतदान में हिस्सा लिया है और इतना मतदान लेबनान के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ.
बेरूत स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस ख़बर से अमरीका को राहत मिली होगी क्योंकि उसने स्पष्ट किया था कि अगर विपक्षी गठबंधन को चुनाव में जीत मिलती है तो अमरीका लेबनान से अपने रिश्तों की समीक्षा करेगा.
साद हरीरी के नेतृत्व वाला गठबंधन वर्ष 2005 में सत्ता में आया था. उसी वर्ष साद हरीरी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की बेरूत में एक कार बम धमाके में मौत हो गई थी.
इस कार बम धमाके के बाद सीरिया को क़रीब 29 वर्ष बाद लेबनान से हटना पड़ा था क्योंकि उस पर कार बम धमाके में शामिल होने के आरोप लगे थे. हालाँकि सीरिया इसका खंडन करता रहा है.


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