पाकिस्तान के थल और वायु सेना प्रमुख ने किया स्वात का दौरा
मिंगोरा को हाल-फिलहाल ही तालिबान के कब्जे से मुक्त कराया गया है। इसके साथ ही सेना का तालिबान के खिलाफ अभियान 44वें दिन में प्रवेश कर गया।
सेना ने एक तस्वीर जारी कर यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि मिंगोरा शहर तालिबान के कब्जे से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है। तस्वीर में थल सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कयानी और वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल राव कमर सुलेमान को बहुत ही कम सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक खुली सड़क पर दिखाया गया जहां सेना अधिकारी उन्हें जानकारी दे रहे हैं।
इंटर सर्विसेज रिलेशंस (आईएसपीआर)ने एक बयान में कहा कि कयानी और सुलेमान मोर्चे पर तैनात कमांडरों से मिले और उनसे अभियान के सिलसिले में औपचारिक जानकारी हासिल की। जनरल आफिसर कमांडिंग ने सेनाध्यक्षों को जारी अभियान और भविष्य की रणनीति से भी अवगत कराया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सेनाध्यक्षों को सामान्य हालात बहाल होने के बाद क्षेत्र के लिए अपनी योजनाओं से अवगत कराया।
बयान में कहा गया कि कयानी ने जनरल आफिसर कमांडिंग को निर्देश दिया कि इस पर ध्यान दें कि विस्थापित लोग शांति और सुरक्षा के साथ क्षेत्र में वापस लौट सकें। उन्होंने सेना की कार्रवाई के बाद शांति और सुरक्षा के लिए आकस्मिक योजना बनाने का निर्देश दिया।
बाद में कयानी और सुलेमान ने सेना के जवानों से मुलाकात की और उनके कार्यो की प्रशंसा की।
मौलाना सूफी मोहम्मद ने पिछले फरवरी माह में तालिबान और उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत की सरकार के बीच आतंकवाद के खात्मे के लिए शांति समझौते की मध्यस्थता की थी। इसके एवज में सरकार इस्लामिक अदालत के गठन पर सहमत हो गई थी। लेकिन तालिबान द्वारा समझौते का उल्लंघन करने के पश्चात सेना ने 26 अप्रैल को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया था।
सेना के अनुसार अब तक 1305 तालिबानी मारे जा चुके हैं और 120 को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियान में सेना के 105 जवानों की मौत हुई है और करीब इतने ही घायल हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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