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हबीब तनवीर के घर पूजा होती है भगवान की

भोपाल , 8 जून (आईएएनएस)। मशहूर रंगकर्मी हबीब तनवीर अपने नाटको के जरिए व्यवस्था और रूढ़ियों पर हमला करने के कारण हमेशा कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे है। कई बार तो उन पर हमले तक हुए है। मगर यह कम लोग जानते है कि हबीब तनवीर का आशियाना धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है जहां भगवान की पूजा होती है और आरती भी गाई जाती है।

हबीब तनवीर जन्मे भले ही मुस्लिम परिवार में हो मगर उनके जीवन में किसी भी धर्म की छाया नजर नहीं आई। वे अपने आप को धर्म की सीमाओं में बांधने को कभी भी तैयार नहीं हुए। वे तो सिर्फ इंसानियत के पुजारी थे। उन्होंने शादी भी गैर मुस्लिम मोनिका मिश्रा से की और उन्पर कभी भी धर्म बदलने के लिए दबाव नहीं डाला।

हबीब तनवीर का आशियाना हमेशा ही उनसे नाता रखने वाले कलाकारों का घर हुआ करता है। किसी के आने जाने और ठहरने पर कभी बंदिश नहीं रही। हबीब तनवीर कभी भी पांच वक्त के नमाजी नहीं रहे और न ही इसके लिए उन्होंने परिवार के सदस्यों पर दबाव डाला। यही कारण है कि उनके घर में पहुंचने पर एक कमरे में भगवान की मूर्तियां साफ नजर आ जाती है।

व्यवस्था और रूढ़ियों के खिलाफ नाटकों के जरिए अपनी बात कहने वाले हबीब तनवीर को कई बार हिन्दू कट्टरपंथियों ने अपना निशाना बनाया। इसके बावजूद वे अपने रास्ते से कभी भी नहीं डिगे और उन्होंने अपने नाटकों में उन किवदंतियों को चित्रित करने की कोशिश की है जो समाज के लिए घातक रही है। जिन लोगों ने कभी हबीब तनवीर पर निशाना साधा होगा वे भी नहीं जानते होंगे कि वे न तो मुस्लिम धर्म के समर्थक थे और न ही हिन्दू धर्म के विरोधी। वे अगर थे तो सिर्फ इंसानियत के पुजारी।

पिछले दो दशक से हबीब तनवीर के साथ करीब का जुड़ाव रखने वाले अनूप रंजन कहते है, "तनवीर साहब ने तो हिन्दुस्तानी रंगमंच को नया रूप दिया है। वह अपने नाटकों के जरिए गांव के उन कलाकारों को सामने लाए जिन्हें देखकर लोग ठहाके लगा दिया करते थे मगर बाद में वहीं लोग उन कलाकारों के कायल हो गए। कट्टरपंथियों ने 1990 और 2004 में हबीब तनवीर पर हमला किया। परंतु ये हमले उनके मिशन को नहीं रोक पाए।"

अनूप रंजन कहते है कि हबीब तनवीर का तो कसूर सिर्फ इतना था कि वे मुसलमान थे। इसी के चलते कुछ लोगों ने राजनतिक लाभ उठाने की खातिर उन पर हमले किए। उन्होंने उत्तर रामचरित, मुद्रा राक्षस जैसे नाटकों का भी निर्देशन किया। इसके बावजूद वह कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे। अनूप रंजन को इस बात का मलाल है कि ज्यादातर लोग हबीब तनवीर को नहीं जान पाए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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