तनाव घटने से आतंकवाद के खिलाफ लड़ने में मदद मिलेगी : पाकिस्तानी विदेश मंत्री
उन्होंने समाचार चैनल 'प्राइवेट दुनिया' से कहा,"भारत के जिम्मेदार लोगों को समझना चाहिए कि पूर्वी सीमा के शांत रहने से पाकिस्तान को पश्चिमी सीमा पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलेगी।"
कुरैशी ने कहा कि दोनों देशों को बैठकर अपने द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाना चाहिए। दोनों देश आतंकवाद की एक जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं।
कुरैशी ने कहा कि दोनों को क्षेत्र से आतंकवाद के खतरे को समाप्त करने के लिए सहयोग करना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों के बीच संबंधों का सामान्य होना महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को वार्ता की बहाली से पहले कोई शर्त रखने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले वर्ष 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमले के बाद से ही समग्र वार्ता को रोक दिया था और कहा था कि मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए बिना वह पाकिस्तान के साथ वार्ता आरंभ नहीं करेगा।
लाहौर उच्च न्यायालय के तीन जून को सबूतों के अभाव में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और भारत द्वारा मुंबई हमलों के प्रमुख सूत्रधार बताए जा रहे हाफिज सईद की रिहाई के बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव काफी बढ़ गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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