भारत में कार्यालय बंद कर रही पश्चिमी कंपनियां : वाल स्ट्रीट

वाशिंगटन, 8 जून (आईएएनएस)। मंदी के दौर में कई अमेरिकी कंपनियां भारत में अपने कार्यालय बेच या बंद कर रही हैं। 'वाल स्ट्रीट जर्नल' के अनुसार लागत में कमी और अपना बोझ घटाने के लिए कंपनियां ऐसा कर रही हैं।

अमेरिका के अखबार ने एक रिपोर्ट में कहा कि सिटीग्रुप, बीमा कंपनी एएक्सए एसए और अवीवा सहित अन्य ने पिछले वर्ष भारत स्थित अपनी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग कंपनियों और अन्य संचालन कार्यालयों को बेच दिया।

कुछ ने अपने भवनों के बदले लाखों डॉलर हासिल किए वहीं अन्य ने कार्यालयों के अंदर लगे उपकरणों की लागत के हिसाब से कार्यस्थलों को बेचा।

अधिकांश खरीददारों को बेचने वालों को कई वर्ष तक कुछ सेवाएं प्रदान करने का भी ठेका हासिल हुआ।

जर्नल के अनुसार सिटीग्रुप ने अक्टूबर में अपनी भारत स्थित इंफारमेशन टेक्न ोलॉजी आउटसोर्सिग कंपनी टाटा कंस्लटेंसी सर्विस (टीसीएस)को 50.5 करोड़ डॉलर में बेच दी और उससे नौ वर्षो तक सेवा हासिल करने के लिए 2.5 अरब डॉलर का करार किया।

दो महीने बाद सिटीग्रुप ने अपनी बीपीओ इकाई विप्रो को 12.7 करोड़ डॉलर में बेच दी और छह वर्ष तक उसकी सेवा के लिए 50 करोड़ डॉलर का सौदा किया।

मई के अंत में आउटसोर्सिग कंपनी कैपिटा ने एएक्सए के 600 भारतीय कर्मचारियों को लेने के बदले 52.3 करोड़ डॉलर का सौदा किया।

पश्चिमी कंपनियों का यह रुख एक दशक पहले भारत में कार्यालय खोलने की उनकी होड़ के ठीक विपरीत है, जहां पेशेवरों का वेतन अमेरिका की तुलना में काफी कम था। उल्लेखनीय है कि भारत में करीब 500 पश्चिमी कंपनियों के कार्यालय हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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