सांसद पद्मसिंह 14 जून तक सीबीआई की हिरासत में (लीड-3)
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के बेहद करीबी माने जाने वाले पाटिल की गिरफ्तारी के बाद उनके संसदीय क्षेत्र उस्मानाबाद में हिंसा भड़क उठी। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके समर्थकों ने अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन और उपद्रव किया। उन्होंने पत्थरबाजी करके कई निजी वाहनों और दो सरकारी बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बीच शरद पवार ने पाटिल से दूरी बना ली है।
पनवेल की एक अदालत ने पाटिल को 14 जून तक सीबीआई हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। वरिष्ठ सरकारी वकील एजाज पठान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पाटिल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (हत्या के षड्यंत्र) के तहत आरोप दर्ज किया गया है।
अदालत ने पाटिल के स्वास्थ्य को देखते हुए सीबीआई से उन्हें सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। पाटिल को सिर में दर्द, चक्कर आने और उच्च रक्तचाप की शिकायत के बाद मुंबई के जे. जे. अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पाटिल ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्हें निबांलकर हत्याकांड में फंसाया गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस बारे में कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।
शरद पवार ने इस बीच कहा, "इस मामले में मेरी कोई भी प्रतिक्रिया जांच को प्रभावित कर सकती है। इसलिए मैं कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता। मुझे देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।"
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेता पवन राजे निंबालकर की कालमबोली में तीन जुलाई 2006 को दो अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सीबीआई ने पिछले हफ्ते निबांलकर की हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों ने इस बात का खुलासा किया कि उन्हें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता व सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की हत्या की भी सुपारी मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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