सूफ़ी मोहम्मद के सहयोगियों की मौत

पाकिस्तान में सूफ़ी मोहम्मद के सहयोगी और तहरीक निज़ाम शरीयत मोहम्मदी से जुड़े दो वरिष्ठ लोगों की सेना के साथ झड़प में मौत हो गई है.
पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को सूफ़ी मोहम्मद के प्रवक्ता मौलाना आमिर इज्ज़त खान और मौलाना मोहम्मद आलम को एक मदरसे पर छापा मार कर गिरफ़्तार कर लिया था.
इन लोगों को मालाखंड डिविज़न से पेशावर ले जाया जा रहा था. और कुछ चरमपंथियों ने सेना के काफ़िले पर हमला कर दिया.इसी झड़प के दौरान मौलाना आमिर इज्ज़त खान और मौलाना मोहम्मद आलम की मौत हो गई. पश्चिम उत्तर प्रांत में सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हमले में एक अफ़सर और पाँच अन्य लोग घायल भी हो गए हैं.
स्वात में लड़ाई
शुक्रवार को सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने बताया था कि इन लोगों को हिरासत में लिया गया था. अमन दर्रे इलाक़े में एक मदरसे पर छापा मार कर ये गिरफ़्तारियाँ की गईं थी. ये लोग सूफ़ी मोहम्मद के करीबी माने जाते थे.
सूफ़ी मोहम्मद स्वात घाटी में तालेबान नेता मौलाना फ़जलुल्ला के ससुर हैं. वे प्रतिबंधित संगठन तहरीक निज़ाम शरीयत मोहम्मदी के संस्थापक भी हैं.
स्वात में इस्लामिक क़ानून लागू करने के लिए सूफ़ी मोहम्मद ने सरकार और तालेबान लड़ाकों के बीच समझौता करवाया था. लेकिन जब तालेबान लड़ाके पास के इलाक़ों में आ गए तो समझौता टूट गया.
मौलाना सूफ़ी मोहम्मद ख़ुद कहाँ है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. सेना ने बताया है कि छापे के दौरान घटनास्थल से आठ हथगोले और विस्फोटक बरामद किए गए. शुक्रवार को हुई गिरफ़्तारियाँ ऐसे समय की गईं थीं जब इन चरमपंथी नेताओं को लेकर सवाल उठने लगे थे क्योंकि अब तक किसी के मारे जाने या पकड़े जाने का समाचार नहीं आया था.
स्वात में पिछले एक महीने से सेना और तालेबान के बीच भीषण लड़ाई चल रही है. एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा है कि तालेबान को स्वात से खदेड़ने में दो महीने लगेंगे.


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