'आतंकवाद नहीं, भारत के विरुद्ध पाक'

आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाये
पेंटागन ने अबतक पाकिस्तान को दी गई आर्थिक मदद पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बुश प्रशासन ने पाकिस्तान को 1.9 अरब अमेरिकी डॉलर दिये। इसके अलावा पाकिस्तान के साथ एक करार पर भी हस्ताक्षर किये, जिसके अंतर्गत करीब 5 अरब डॉलर के सैन्य हथियार खरीदने की बात थी।
पेंटागन की इस रिपोर्ट के आने के कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने कहा था कि पाकिस्तान के पास 60 परमाणु हथियार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवादी से लड़ने के लिए आर्थिक सहायता दी। लेकिन पाक ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाये।
आतंकवाद से लड़ने के लिए अमेरिका ने पाक को 186 अमेरिकी डॉलर मूल्य की मिसाइलें मुहैया कराने का करार किया, जिनमें से आधी से ज्यादा की डिलीवरी हो चुकी है। इसके अलावा पेट्रोल एयरक्राफ्ट आदि के ऑर्डर भी किये गये।
भारी मात्रा में सैन्य उपकरण खरीदे
पाकिस्तान ने 163 अरब डालर मूल्य के 5600 मिलीट्री रेडियोसेट, 76 अरब डॉलर मूल्य के सर्विलांस रडार, 20 कोबरा अटैक हेलीकॉप्टर खरीदे और बाद में उनका नवीनीकरण भी किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान ने ढेर सारे सैन्य उपकरण खरीदे, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ उनका इस्तेमाल होता नहीं दिखा।
कॉमबैट एयरक्राफ्ट, छोटी-बड़ी बंदूकें, हवा से हवा में मार करने वाली 1000 मिसाइलें, भारी संख्या में बम, 100 हार्पून एंटी-शिप मसाइलें और पानी के जहाज से मार करने वाली मिसाइलें समेत भारी मात्रा में सैन्य उपकरण खरीदे।
पेंटागन का कहना है कि पाकिस्तान ने अमेरिका द्वारा दी गई सैन्य मदद को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए जुटाया है।


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