आतंक के खिलाफ कड़ा कानून चाहती है
इस्लामाबाद, 6 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तानी सेना आतंकवाद के खिलाफ कानून को और कड़ा बनाए जाने का समर्थन कर रही है, ताकि देश के अशांत उत्तर पश्चिम हिस्से में वर्तमान सैन्य कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आतंकियों के साथ सख्ती से निपटा जा सके।
समाचार पत्र द न्यूज की ओर से शनिवार को प्रकाशित एक खबर में लिखा गया है, "इस प्रस्ताव का मुख्य मकसद आतंकियों को वर्तमान कानून में व्याप्त कमियों का लाभ उठाने से रोकना है।"
वर्तमान कानून प्रधानमंत्री के रूप में नवाज शरीफ के दूसरे कार्यकाल के दौरान बनाया गया था।
कानून को और कड़ा बनाने की सिफारिश उस दौरान की गई थी, जब सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी और अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारी उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) के तीन जिलों में तालिबानी आतंकियों के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई के बारे में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को समझा रहे थे।
द न्यूज ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि एनडब्ल्यूएफपी में सैन्य कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आतंकियों पर नागरिकों के खिलाफ जघन्य अपराधों के लिए और सेना के खिलाफ युद्ध करने के लिए मुकदमा चलाया जाएगा।
सेना की ओर से कहा गया है कि 26 अप्रैल से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान कोई 1,300 आतंकियों को मार गिराया गया है। लेकिन गिरफ्तार आतंकियों की संख्या के बारे में कोई ठीक आंकड़ा नहीं पेश किया गया है।
सूत्रों का कहना है कि सेना प्रमुख के संबोधन के दौरान कुछ नेताओं ने इस बात पर आश्चर्य किया था कि सैन्य कार्रवाई के दौरान अब तक कोई शीर्ष तालिबानी आतंकी क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया या मारा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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