ऑपरेशन ब्लूस्टार की 25वीं बरसी पर फीका रहा समारोह
मुख्य कार्यक्रम बंद दरवाजों के पीछे अकाल तख्त के अंदर आयोजित किया गया। कार्यक्रम को अकाल तख्त के प्रमुख जत्थेदार गुरुबचन सिंह ने संबोधित किया।
हालांकि कार्यक्रम में दमदमी टकसाल, दल खालसा और अन्य कट्टरपंथी संगठनों के नेता मौजूद थे, लेकिन आमजन की उपस्थिति काफी कम थी।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए एक सिख धार्मिक नेता ने कहा, "इससे यह स्पष्ट होता है कि सिख समुदाय अब 1984 की घटना से उबर चुका है। यहां तक कि आज गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी उतनी नहीं है, जितनी की आमतौर पर सप्ताहांत में होती है।"
अकाल तख्त के प्रमुख ने स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई की निंदा की, लेकिन उनका भाषण फीका रहा।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ कार्यक्रम में उपस्थित थे। लेकिन एसजीपीसी की ओर से पूर्व के वर्षो की तरह ऑपरेशन ब्लूस्टार के उपलक्ष्य में अलग से कोई कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और अकाली दल के अन्य शीर्ष नेता कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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