इफ्तिखार चौधरी ने की जरदारी से भेंट
इस्लामाबाद, 6 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी ने आखिरकार राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से शुक्रवार को भेंट की।
चौधरी को दो साल पहले बर्खास्त किया गया था और जरदारी उनकी बहाली के सख्त खिलाफ थे। जरदारी और चौधरी की मुलाकात 20 मिनट तक चली। अकेले में हुई यह मुलाकात जरदारी द्वारा न्यायमूर्ति आगा रफीक अहमद खान को संघीय शरिया अदालत के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए शपथ दिलाने से एक दिन पहले शुक्रवार को हुई।
समाचार पत्र 'द न्यूज' ने शनिवार को खबर दी कि चौधरी की बहाली होने के बाद से ही उन दोनों को एक बार भी आमना-सामना नहीं हुआ था लेकिन जरदारी ने दोनों की मुलाकात को एक ऐतिहासिक बैठक में तब्दील कर दिया।
वैसे दोनों की बैठक के दौरान किन मसलों पर चर्चा हुई, इसका खुलासा नहीं किया गया है। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया, "पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से शुक्रवार को यहां राष्ट्रपति भवन में भेंट की। यह बैठक न्यायमूर्ति आगा रफीक अहमद खान के संघीय शरियत अदालत में मुख्य न्यायाधीश के पद पर शपथ लेने से पहले हुई।"
इससे पहले चौधरी दो बार राष्ट्रपति के साथ होने वाली अपनी मुलाकात टाल चुके हैं। पहली बार उस समय, जब जरदारी ने निवर्तमान प्रधान न्यायाधीश अब्दुल हामिद डागर के सम्मान में रात्रिभोज दिया था। और दूसरी बार तब उन्होंने गत 22 मार्च को दोबारा पदभार ग्रहण किया था।
पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अस्थायी संवैधानिक आदेश (पीसीओ) पर हस्ताक्षर से इंकार करने पर चौधरी और सर्वोच्च न्यायालय की पूरी पीठ को बर्खास्त कर दिया था। इस बर्खास्तगी के विरोध में पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था।
व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद चौधरी की बहाली संभव हो सकी। चौधरी ने कहा कि उन्हें अवैध रूप से बर्खास्त किया गया था इसलिए उनकी पुरानी शपथ आज भी वैध है और उन्हें नए सिरे शपथ लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा था कि वह अपने पद पर लौट भर रहे हैं इसलिए उन्हें जरदारी से शिष्टाचार वश भेंट करने की भी जरूरत नहीं है।
न्यायाधीशों की बहाली के मसले पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के रिश्तों में भी खटास आ गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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