राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस शुरू

पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखने के साथ ही बहस शुरू हुई. माना जा रहा कि ये बहस लंबी चलेगी.
धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए गिरिजा प्रसाद ने कहा कि पिछली यूपीए सरकार के कामों को जनता ने सराहा और इसीलिए उनकी पार्टी को दोबारा सत्ता सौंपी. विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि अब सांप्रदायिकता की बात नहीं चलेगी.
उनका कहना था कि राष्ट्रपति ने सरकार के लिए जिन 10 प्राथमिकताओं का उल्लेख किया वो बहुत ही अहम हैं.
आठ जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर रखे जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने की प्रक्रिया नौ जून तक जारी रहेगी.
नौ जून को दोनों सदनों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बहस का जवाब देंगे जिसके साथ ही धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस समाप्त हो जाएगी.
गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष की उप नेता सुषमा स्वराज ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में फ़ैसला लिया गया है कि अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ऑस्ट्रिया में भारतीय छात्रों पर हो रहे हमले के मामले को उठाया जाएगा.
बहस
सुषमा स्वराज का कहना था कि चर्चा में सबसे पहले धन्यवाद प्रस्ताव के प्रस्तावक, फिर सदन के नेता प्रणब मुखर्जी और उनके बाद सदन में विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी बोलेंगे. यही तरीक़ा राज्यसभा में अपनाया जाएगा.
गुरुवार को राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के अगले 100 दिन और पूरे पाँच साल का एजेंडा सामने रखा था.
उन्होंने कहा था कि सरकार अगले 100 दिनों में महिलाओं को संसद और विधानमंडलों में 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ पंचायत और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने के लिए समुचित क़दम उठाएगी.
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण कहा था कि यूपीए सरकार आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. साथ ही उन्होंने अगले पाँच वर्षों के दौरान सरकार की 10 प्राथमिकताओं का उल्लेख किया.


Click it and Unblock the Notifications