'गिरफ़्तार चरमपंथी का संबंध हाफ़िज़ से'

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दक्षिणी दिल्ली के क़ुतुब मीनार इलाक़े से मोहम्मद उमर मदनी को गिरफ़्तार किया था.
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, "दिल्ली में गिरफ़्तारी इस व्यक्ति का संबंध हाफ़िज़ मोहम्मद से है."
उन्होंने दिल्ली पुलिस की सराहना की और कहा कि ये अच्छे ख़ुफ़िया तंत्र के कारण संभव हो पाया है.
दावा
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने मदनी को गिरफ़्तार करने के बाद दावा किया है कि मोहम्मद उमर मदनी हाफ़िज़ मोहम्मद सईद का क़रीबी है और पिछले एक साल से वह नेपाल से काम कर रहा था.
लश्कर के संस्थापक रहे हाफ़िज़ मोहम्मद सईद जमात-उद-दावा संगठन के प्रमुख हैं. उनका दावा है कि जमात-उद-दावा चैरिटी संस्था है.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यह कहते हुए जमात-उद-दावा पर पाबंदी लगा दी थी कि संस्था लश्कर से जुड़ी हुई है.
पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हमलों के लिए भारत ने हाफ़िज़ मोहम्मद सईद पर गंभीर आरोप लगाए थे. पाकिस्तान सरकार ने उन्हें गिरफ़्तार भी किया था. लेकिन पिछले सप्ताह लाहौर हाई कोर्ट ने रिहा कर दिया था.
दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उसने मदनी के पास से आठ हज़ार अमरीकी डॉलर, 50 हज़ार रुपए के नकली भारतीय नोट और 40 हज़ार नेपाली रुपए बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मदनी बिहार का रहने वाला है और उन पर युवकों को भर्ती कर नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेजने की ज़िम्मेदारी थी ताकि उन्हें हथियारों और विस्फोटकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा सके.


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