भारत-पाक गतिरोध का आतंकवादी फायदा उठाएंगे : गिलानी
समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार गिलानी ने कहा, "हमें विश्वास है कि भारतीय नेतृत्व समय रहते इस वास्तविकता को समझेगा कि शांति प्रक्रिया में गतिरोध से केवल आतंकवादियों को ही फायदा होगा।"
मुंबई हमले के बाद संयुक्त वार्ता प्रक्रिया को स्थगित करने के भारत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए गिलानी ने कहा, "हम अपनी तरफ से भारत के साथ दोस्ताना, सहयोगपूर्ण और अच्छे पड़ोसी का संबंध निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
इस्लामाबाद में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में गिलानी ने कहा कि कश्मीर सहित सभी लंबित मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए वार्ता को फिर से शुरू किया जाना चाहिए और दक्षिण एशिया में शांति की स्थापना के लिए यही एकमात्र रास्ता है। गिलानी ने कमोबेश यही बातें मंगलवार को भी कही थी।
उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय समझौतों को हमेशा संदेह और अविश्वास की दृष्टि से देखा गया है। अविश्वास की वजह से ही कश्मीर मुद्दा अब तक लंबित है।
गिलानी ने कहा, "भारत के साथ संबंधों को फिर पटरी पर लाने के लिए हमने गंभीरता से प्रयास किया। इसके लिए संयुक्त वार्ता, विश्वास बहाली, द्विपक्षीय व्यापार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच मेल-जोल बढ़ाने को तरजीह दी गई।'
गौरतलब है कि भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि पाकिस्तान जब तक मुंबई हमलों के षडयंत्रकारियों के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई नहीं करता तब तक वार्ता प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।
उल्लेखनीय है कि 26-29 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में 170 लोगों की मौत हो गई थी जिसमें से 26 विदेशी नागरिक थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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