सैकड़ों पेड़ों के लिए जीवनदाता बनी एक युवती
एक किसान की बेटी किरण 12वीं कक्षा की विज्ञान संकाय की छात्रा हैं। वह पूर्वी चंपारन के मंझार गांव की रहने वाली हैं। उनके प्रयासों को एक साल पहले उस समय राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली जब उन्हें राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया।
दरअसल, 600 एकड़ क्षेत्र में फैले शीशम के सैकड़ों पेड़ किसी बीमारी की वजह से सूख रहे थे। यह देखकर किरण ने कैरोसीन, पानी एवं तंबाकू की सहायता से एक दवा तैयार की और इसकी मदद से पेड़ फिर से हरे-भरे हो गए।
महेश्वर सिंह नाम के एक ग्रामीण ने कहा, "किरण के प्रयास से ही शीशम के पेड़ों पर फिर से हरियाली लौटने के साथ ही लोगों के चेहरों पर मुस्कान भी लौट आई।"
किरण पर्यावरण विज्ञान का अध्ययन करना चाहती हैं। उनका कहना है, "मैं पेड़ों के संरक्षण और हरियाली में अपना समय देना चाहती हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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