राष्ट्रपति अभिभाषण : सरकार गरीबों को खाद्यान्न उपलब्धता सुनिश्चित करेगी
संसद के संयुक्त सत्र में नई सरकार के एजेंडे को सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और मंदी से निपटने को प्राथमिकता दी जाएगी।
पाटिल ने कहा, "वर्ष 2004 में मेरी सरकार ने देश के सामने एक समरस समाज और समग्र अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा था। सरकार को जो जनादेश मिला है वह उसकी नीतियों को मिले समर्थन का प्रमाण है।"
राष्ट्रपति ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की नीतियों और कार्यक्रमों को सामने रखा और उन 10 क्षेत्रों का उल्लेख किया जिन पर मनमोहन सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे अधिक जोर देगी।
इसमें आतंरिक सुरक्षा, कृषि और विनिर्माण का विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और ऊर्जा सुरक्षा शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने सरकार के 100 दिन के एजेंडे का भी उल्लेख किया। इसमें संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक पारित करवाना, पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संवैधानिक संशोधन, सूचना के अधिकार कानून को मजबूत बनाना, छह महीने में न्यायिक सुधारों की रूपरेखा तैयार करना और प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में एक निगरानी इकाई का गठन प्रमुख है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विशेष सुरक्षा बलों और त्वरित प्रतिक्रिया दलों के साथ ही एक राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान प्रदान के लिए एक विशेष कमांड स्थापित किया जाएगा।
आर्थिक मोर्चे पर सरकार उन क्षेत्रों पर तत्काल ध्यान देगी जो बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें छोटे और मझोले उद्योग, निर्यात क्षेत्र, वस्त्र उद्योग, वाणिज्यिक वाहन, आधारभूत ढांचा और आवास क्षेत्र शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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