राष्ट्रपति अभिभाषण : विदेश नीति की स्वायत्तता बरकरार रखी जाएगी

संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने गुरुवार को कहा, "मेरी सरकार की विदेश नीति की सामरिक स्वायत्तता और अपनी स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाती रहेगी। जो हमारी असली पहचान भी है।"

उन्होंने कहा, "पड़ोसी देशों की स्थिरता और संपन्नता में हमारी गहरी रूची है। इस क्षेत्र में स्थिरता, विकास और संपन्नता बढ़ाने के लिए सार्क देशों में हमारे मित्रों के साथ कार्य करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अपने पड़ोसियों के साथ निष्ठापूर्वक कार्य करेगी, जिससे बकाया मसलों को सुलझाया जा सके।"

राष्ट्रपति ने कहा, "मेरी सरकार पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को नया रूप देने का प्रयास करेगी जो इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले करने वाले समूहों के विरूद्ध वास्तविक रूप से क्या कार्रवाई करता है।"

श्रीलंका के बारे में राष्ट्रपति ने कहा, "हम श्रीलंका सरकार के उन प्रयासों का समर्थन करेंगे जिनसे वहां के संघर्ष का स्थायी राजनैतिक समाधान हो सके और यह सुनिश्चित हो सके कि श्रीलंका के सभी समुदाय विशेषकर तमिल सुरक्षित महसूस करें और उन्हें समान अधिकार प्राप्त हों। भारत इस संघर्ष से प्रभावित लोगों के पुनर्वास में समुचित योगदान करेगा।"

अन्य पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर राष्ट्रपति ने कहा, "नेपाल और बांग्लादेश में जहां बहुदलीय लोकतंत्र वापस आ चुका है, आपसी हितों के लिए दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार को जारी रखने के लिए भारत निकटता से कार्य करेगा। भूटान और मालदीव के साथ भारत अपनी सघन और जीवंत सहभागिता सुदृढ़ करेगा और अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में सहयोग देना जारी रखेगा।"

उन्होंने कहा, "प्रमुख शक्तिओं के साथ हमारे संबंधों में सुधार की गति को बनाए रखा जाएगा। अमेरिका के साथ हमारी सहभागिता में आए बदलाव को और आगे बढ़ाया जाएगा। विगत वर्षो में रूस के साथ हमारी सामरिक भागदारी बढ़ी है। हम इसे और सुदृढ़ करेंगे। यूरोप के देशों और जापान के साथ उन सतत राजनयिक प्रयासों को जारी रखा जाएगा जिनके फलस्वरूप 2004 से हमारे संबंधों में गुणात्मक परिवर्तन आया है। चीन के साथ बहु आयामी साझेदारी का विस्तार किया जाएगा।"

राष्ट्रपति ने कहा, "सरकार अतिशीघ्र फिलीस्तीन राज्य की स्थापना के जरिए पश्चिम एशिया में शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों में योगदान देगी। खाड़ी के देशों के साथ पारंपरिक रूप से घनिष्ठ संबंधों को सुदृढ़ किया जाएगा। दक्षिण पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ मध्य एशिया और लैटिन अमेरिकी देशों के साथ बहुआयामी साझेदारी को सुदृढ़ किया जाएगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+