शिवराज ने की शिंदे व जायसवाल से भी की भेंट
इस अवसर पर चौहान ने शिंदे और जायसवाल से प्रदेश के बिजली संयंत्रों के लिए प्रदेश की कोयला खदानों से ही कोयला उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उल्लेखनीय है कि बिरसिंहपुर और अमरकंटक ताप बिजलीघरों के लिए 300 किलोमीटर दूर से कोयला दिया जा रहा है जबकि मात्र 15 किलोमीटर में कोयले की खदाने हैं।
मुख्यमंत्री ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों से विदेशों से कोयला आयात करने की नीति पर भी पुनर्विचार करने का आग्रह किया। विदेशों से कोयला आयात करना मध्य प्रदेश को अत्यधिक महंगा पड़ता है क्योंकि यहां कोई बंदरगाह नहीं है। जायसवाल ने मध्य प्रदेश को कोयले के आयात से छूट देने और राज्य के ही कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति करने का आश्वासन दिया। जायसवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री विकास के लिए कटिबद्घ हैं। इसलिए उनके द्वारा जो समस्याएं बताई गई हैं उन पर गंभीरता से विचार कर उनका निराकरण किया जाएगा।
चौहान ने मध्य प्रदेश कोटे की 382 मेगावाट बिजली कम मिलने की ओर ध्यान शिंदे का आकर्षित किया। शिन्दे ने कहा कि स्थिति में सुधार होने पर मध्य प्रदेश को बिजली की आपूर्ति के सम्बन्ध में विचार किया जाएगा। चौहान ने बिजली आपूर्ति के सम्बन्ध में गाडगिल फार्मूले को भी बदलने की आवश्यकता जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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