अनिश्चितकालीन हड़ताल से कश्मीर में जनजीवन प्रभावित (लीड-1)
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के कश्मीर से सेना हटाने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल के आव्हान के बाद से घाटी की स्थिति खराब हुई है। गिलानी को गिरफ्तार करके अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
श्रीनगर और घाटी के अन्य शहरों में सड़के वीरान रहीं, दुकानें व स्कूल बंद रहे। सख्त प्रतिबंधों के बाद भी प्रदर्शनकारी घटना में कथित रूप से शामिल सुरक्षा बलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए सड़कों पर आ गए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सीआरपीएफ पर पथराव किया और युवकों के एक समूह ने लाल चौक पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया।
श्रीनगर के ऊपरी इलाकों में प्रदर्शनकारियों को सरकार विरोधी नारे लगाते हुए देखा गया। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सड़कों पर अवरोधक लगाए थे। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुबह से ही भारी मात्रा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि नीलोफर जान (22) और उसकी रिश्तेदार असिया जान (17) के साथ बलात्कार के बाद दोनों की हत्या कर दी गई थी। दोनों के शव उत्तरी कश्मीर के शोपियां कस्बे में स्थित उनके घर के पास एक खेत में शनिवार को पाए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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