भोपाल के वन विहार में बाघिन की मौत
वन विहार के सहायक संचालक ए़ क़े खरे ने बुधवार को आईएएनएस को बताया है कि मंगलवार की शाम को इरा कुछ सुस्त थी। वन विहार प्रबंधन ने चिकित्सकों की मदद से उसका उपचार शुरू किया और उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिए जाने के बाद दवाइयां भी दी गई, परंतु उसकी मौत हो गई। बुधवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला है कि उसे जब उबकाई आई होगी तब खाने के दाने उसकी श्वांस नली में फंस गए होंगे, जिससे उसकी मौत हो गई।
खरे ने बताया है कि इरा और उसकी बहन सारा को मा बांधवी के साथ 18 अक्टूबर 2006 को बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से वन विहार लाया गया था। इरा जब यहां आई थी तब उसकी आयु पांच माह थी। बांधवी अभी भी वन विहार में है जबकि सारा को वन्य प्राणियों की अदला बदली योजना के तहत राष्ट्रीय उद्यान नन्दन कानन भेजा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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