'ऑपरेशन ब्लूस्टार' की स्मृति में कट्टरपंथी सिख नेताओं ने निकाली रैली
कट्टरपंथी सिख संगठन दल खालसा के कार्यकर्ताओं ने ऑपरेशन ब्लूस्टार की स्मृति में मार्च रैली निकाली। यह रैली शहर में विभिन्न रास्तों से होते हुए स्वर्ण मंदिर स्थित दरबार साहिब के नाम से प्रसिद्ध हरमंदिर साहिब परिसर में आकर समाप्त हुई।
ऑपरेशन ब्लूस्टार के दौरान अपनी जान गंवाने वालों की स्मृति में एक स्मारक स्थापित करने की दिशा में कुछ न करने के लिए सिखों का यह संगठन (दल खालसा) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से नाराज है। दल खालसा का कहना है कि जिन लोगों ने जून 1984 में स्वर्ण मंदिर परिसर में सेना के हमले के दौरान कुर्बानी दी थी, उनके बारे में समुदाय को जागरूक करने के लिए स्मारक का निर्माण जरूरी है।
दल खालसा के अध्यक्ष एच.एस.धामी ने संवाददाताओं से कहा, "इस तरह की घटना दोबारा न घटे इसके लिए एक कानून बनाए जाने की जरूरत है। इस घटना के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा मांगी गई माफी का कोई मतलब नहीं होता।"
धामी ने कहा है कि कांग्रेस मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बना कर सिखों को गुमराह कर रही है, जबकि सिख समुदाय के जख्मों को भरने के लिए यह नाकाफी है।
धामी ने कहा, "चूंकि सिख समुदाय भाजपा को आमतौर पर तथा लालकृष्ण आडवाणी को खासतौर पर पसंद नहीं करता, इसलिए उसने मनमोहन सिंह को अपना समर्थन दे दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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