नेपाली नागरिकों पर हमले की आधिकारिक जानकारी नहीं : भारतीय दूतावास (लीड-1)
भारतीय दूतावास ने हालांकि तत्काल इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन कहा कि उसे इन कथित हमलों के बारे में आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं मिली है।
दरअसल नेपाल के निजी टीवी चैनल कांतिपुर ने खबर दी है कि नेपाल के सैकड़ों ग्रामीण सरहद पर भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा कथित हमले करने और धमकाए जाने के आरोप लगाते हुए अपने घरों से पलायन कर गए हैं।
बुधवार को मीडिया की रपटों में कहा गया कि नेपाल के दांग जिले के कुछ निवासी अब जिले के दुउखुरी क्षेत्र में खुले आसमान तले दिन बिता रहे हैं। चारा इकट्ठा करने के लिए जंगल की ओर जाने वाली महिलाएं और सीमा पार जाने वाले पुरुष भारतीय सुरक्षा कर्मियों द्वारा सताए जाने की शिकायत कर रहे हैं। इनके अलावा भारत के सशस्त्र गुट भी कथित तौर पर इन ग्रामीणों पर हमले कर रहे हैं।
खंगरा गांव के 58 वर्षीय राणा बहादुर बी.के. ने काठमांडू पोस्ट दैनिक को बताया उनकी दो बेटियां अपनी बड़ी बहन से मिलने भारत गई थीं लेकिन लौटकर नहीं आईं। उन्होंने कहा, "अब मुझे पता चला है कि उन्हें भारत में बेच दिया गया है।"
अखबार ने एक अन्य ग्रामीण के हवाले से खबर दी है कि भारतीय सुरक्षाकर्मी पूछताछ के नाम पर ग्रामीणों को महीनों तक हिरासत में रखते हैं।
टीवी चैनल कांतिपुर ने अपनी रपट में कहा कि इन आरोपों के बारे में काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कांतिपुर के अनुसार दूतावास की ओर से कहा गया है कि उसे इन कथित हमलों की कोई जानकारी नहीं है।
प्रमुख राजनीतिक दल जहां इस मसले को हल करने के उपायों पर विचार कर रहे हैं वहीं माओवादियों ने इसकी आड़ में कम्युनिस्ट नेता माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व में बनी नई सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
नेपाल के गृह मंत्रालय से सीमा पर होने वाले हमलों के बारे में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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