मुख्यमंत्री के गृह जनपद से शुरू होगी पानी की राशनिंग
भोपाल से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित सीहोर में हर व्यक्ति को पानी हासिल कर पाना मुश्किल हो चला है। पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति पूरी तरह बिगड़ चुकी है और शहर के जल स्रोत सूखने के करीब हैं। नगर पालिका प्रशासन चाहकर भी हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पानी के टैंकरों पर दबंग कब्जा कर लेते है।
बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका ने पानी की राशनिंग का फैसला किया है। इसके तहत हर परिवार के लिए जल वितरण कार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक व्यक्ति को 50 लीटर प्रतिदिन के हिसाब से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नगर पालिका ने 74 जल स्रोतों को अधिग्रहित करने के अलावा 25 अतिरिक्त टैंकरों का इंतजाम किया है
सीहोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी डी़ एस़ परिहार ने आईएएनएस को बताया कि जिले के आसपास की नदियां सूख चुकी हैं और हैंडपंपों ने भी जवाब दे दिया है। इतना कुछ होने के बाद भी यहां के लोगों को पानी मिलता रहे, इसी को ध्यान में रखकर नगर पालिका ने जल वितरण कार्ड हर परिवार को मुहैया कराए हैं। इस व्यवस्था के तहत पानी का वितरण 15 जून से किया जाएगा।
परिहार के मुताबिक नगर पालिका क्षेत्र में 19,000 से अधिक मकान है और उनमें एक लाख से अधिक लोग निवास करते हैं। इन सभी को जरूरत का पानी मिले इसी को ध्यान में रखकर नगर पालिका ने यह कार्य योजना बनाई है। परिहार पानी की इस वितरण व्यवस्था को राशनिंग मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि शहर से 15 किलोमीटर दूर से टैंकरों के जरिए पानी लाया जा रहा है। नगर निगम ने इतने टैंकरों का इंतजाम कर लिया है कि उनके जरिए प्रति दिन 50 लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जा सके।
नगर पालिका ने जो जल वितरण कार्ड बनाए हैं, उनमें हर परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज हैं। इसके साथ ही इस पर पूरे महीने की तिथियां सिलसिलेवार अंकित की गई है। इस तरह प्रतिदिन प्रत्येक परिवार को प्रति सदस्य 50 लीटर के मान से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पानी वितरण के बाद उस कार्ड में ब्यौरा भी दर्ज किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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