जीएम के दीवालिया होने का हम पर कोई असर नहीं : विप्रो
कंपनी द्वारा जारी एक वक्तव्य के मुताबिक, "जनरल मोटर्स विप्रो की सूचना प्रौद्योगिकी सेवा से आने वाले राजस्व में एक फीसदी से भी कम का योगदान करती है। हमारा आकलन है कि इस राजस्व का एक बड़ा हिस्सा आगे भी अर्जित होता रहेगा। "
वक्तव्य के मुताबिक जिस दिन जीएम ने दीवालिया होने का आवेदन किया उस दिन तक विप्रो की 80 लाख डॉलर से भी कम की राशि उस पर बकाया थी।
उल्लेखनीय है कि जीएम ने सोमवार को खुद को दीवालिया घोषित कर दिया था। ऐसा करने वाली वह अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी कंपनी है।
विप्रो ने वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान 38.99 अरब रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 19 फीसदी ज्यादा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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