जीएम के दीवालिया होने से भारतीय कारोबारियों के लिए नए अवसर
चेन्नई, 3 जून (आईएएनएस)। उद्योग जगत के विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिकी वाहन निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) का खुद को दीवालिया घोषित करने का निर्णय भारत और चीन के वाहन कलपुर्जे बनाने वाले कारोबारियों के लिए नए अवसर उत्पन्न कर सकता है।
वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली एक कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, "अमेरिका में किसी कंपनी के दीवालिया होने का मतलब होता है सरकार की निगरानी में उसके कामों का पुनर्गठन न कि उसकी वित्तीय हालत एकदम खस्ता होना।"
इस बात से सहमति जताते हुए जीएम के लिए वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी सुंदरम फास्टनर्स के अध्यक्ष (वित्त) वी.जी. जगन्नाथन ने कहा, "जीएम का अस्तित्व समाप्त होने नहीं जा रहा है। यह केवल अपने कार्यो का पुनर्गठन कर रही है।"
विश्लेषकों के मुताबिक काम के पुनर्गठन का मतलब यह भी हो सकता है कि कंपनी नई छोटी और किफायती ईंधन वाली कारों के लिए बड़े मॉडलों का निर्माण बंद कर दे। ऐसे में भारत और चीन में कलपुर्जे बनाने वालों के लिए नए मार्ग प्रशस्त होंगे।
मुंबई स्थित ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर के वाहन विश्लेषक सुरजीत अरोड़ा ने आईएएनएस से कहा, "यह बात सर्वविदित है कि भारत में कलपुर्जे सस्ती दरों पर मिलते हैं। पुनर्गठन के दौरान जनरल मोटर्स किफायती आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करेगी। ऐसे में भारतीय और चीनी कारोबारियों के लिए बेहतर अवसर होंगे।"
जीएम द्वारा खुद को दीवालिया घोषित कर पुनर्गठन किए जाने का कई अमेरिकी वाहन कलपुर्जा निर्माता कंपनियों पर बुरा असर पड़ेगा और वे बिकने की स्थिति में आ सकती हैं।
यद्यपि बाजार विशेषज्ञों की राय है कि उनमें से किसी का अधिग्रहण न किया जाए क्योंकि अभी सस्ती प्रतीत हो रही ये परिसंपत्तियां बाद में महंगी साबित हो सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत फोर्ज, एम्टेक आटो, सुंदरम फास्टनर्स और मैनी प्रिसीसन आदि अनेक भारतीय कंपनियां जीएम को कलपुर्जो का निर्यात करती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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