परीक्षा में न बैठ सके छात्र को हर्जाना देगा पंजाब विश्वविद्यालय
छात्र गुरदीप सिंह ( बीए अंतिम वर्ष)के मुताबिक वह गत एक अप्रैल को सेक्टर 11 स्थित शासकीय कालेज में अंग्रेजी की परीक्षा देने पहुंचा। परीक्षा अधीक्षक ने उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया क्योंकि उसके नाम के आगे उक्त विषय का जिक्र नहीं था।
सिंह ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, "मुझे विश्वविद्यालय ने वही परीक्षा केंद्र आवंटित किया था लेकिन मैं जानकर स्तब्ध रह गया कि मेरा नाम सूची में तो है लेकिन विषय के समक्ष मेरा नाम नहीं था। मेरे बार बार अनुरोध करने पर मुझे परीक्षा में बैठने तो दिया लेकिन तब तक डेढ़ घंटा बीत चुका था। "
सिंह ने परीक्षा के तत्काल बाद विश्वविद्यालय में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियां आम तौर पर होती रहती हैं।
सिंह ने कहा कि भ्रम की स्थिति में रहने के कारण वह परीक्षा पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाए और उसके प्रदर्शन पर इसका असर पड़ा। इसके बाद छात्र ने उपभोक्ता फोरम की शरण में जाने का फैसला किया।
जिला उपभोक्ता विवाद निस्तारण फोरम ने मंगलवार को विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि वह सिंह को 50,000 रुपये का हर्जाना दे। विश्वविद्यालय को यह निर्देश भी दिया गया कि वह न्यायिक प्रक्रिया में लगे खर्च के रूप में भी सिंह को 5,000 रुपये का भुगतान करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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