अन्ना हजारे की हत्या का षड्यंत्र

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)के विशेष लोक अभियोजक एजाज खान ने कहा कि आरोपी पारसमल जैन और दिनेश तिवारी ने रहस्योद्घाटन किया कि हजारे की हत्या के लिए उन्होंने 25 लाख रुपये हासिल किए थे। खान ने कहा कि दोनों ने यह रहस्योद्घाटन पिछले सप्ताह एक मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में किया।
खान ने कहा कि निंबालकर की हत्या का ठेका कतिथ तौर पर दो व्यापारियों मोहन शुक्ला और सतीश मंदादे ने दिया था। निंबालकर हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर उस्मानाबाद से सांसद निर्वाचित हुए पद्मसिंह पाटिल के भाई थे।
खान के अनुसार बाद में दोनों ने हजारे की हत्या के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
जैन और तिवारी को सीबीआई ने पिछले बुधवार को निंबालकर और उनके चालक समाद काजी की मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर तीन जून 2006 को हुई हत्या के मामले में गिरफ्तार किया। पवनेल की अदालत ने दोनों को अगले सोमवार (आठ जून) तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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