ओबामा ने शांतिवार्ता को लेकर उम्मीद जताई

राष्ट्रपति के रूप में इस क्षेत्र के अपने पहले दौर से पहले बराक ओबामा ने कहा कि इसराइल और फ़लस्तीन नेताओं के बीच शांतिवार्ता फिर से शुरू होने के लिए वो हरसंभव प्रयास करेंगे.
पश्चिमी तट में इसराइल के निर्माण कार्य रोकने से इनकार करने पर राष्ट्रपति ओबामा ने धैर्य रखने की सलाह दी.
ईरान के बारे में उनका कहना था कि इस साल के अंत में वो इस बात की समीक्षा करेंगे कि ईरान वास्तव में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को लेकर गंभीर है या नहीं.
राष्ट्रपति ओबामा का कहना था कि वो पश्चिमी जगत और मुसलमानों के बीच ग़लतफ़हमी दूर करने के लिए बातचीत शुरू करना चाहते हैं.
उनका कहना था कि इस दौरे से उन्हें लोगों की बात सुनने और नई बातें सीखने का मौक़ा मिलेगा.
ग़लतफ़हमी
मध्य पूर्व और यूरोप की अपनी यात्रा से पहले बीबीसी के उत्तरी अमरीका के संपादक जस्टिन वेब से बातचीत में राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 'क़ानून का शासन, लोकतंत्र और बोलने और धर्म की स्वतंत्रता सार्वभौमिक मूल्य हैं.'
मेरे ख्याल में ख़तरा तब उत्पन्न होता है जब अमरीका या अन्य देश इन मूल्यों को दूसरे देशों के इतिहास और संस्कृति को जाने बिना उन पर थोपने की सोचने लगे राष्ट्रपति ओबामा
| |
राष्ट्रपति ओबामा का कहना था कि ये मूल्य महत्वपूर्ण हैं, भले ही इनका पालन करने में कठिनाई हो.
राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि ग्वांतनामो बे को बंद कर अमरीका एक अच्छा उदाहरण पेश कर सकता है.
उनका कहना था कि क़ानून का शासन, लोकतंत्र और बोलने और धर्म की स्वतंत्रता... पश्चिम के सिद्धांत नहीं है जिन्हें अन्य देशों पर लागू किया जाना है.
साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ मध्य पूर्व देशों को मानवाधिकार मुद्दों पर ध्यान देना है.
उनका कहना था,'' मेरे ख्याल में ख़तरा तब उत्पन्न होता है जब अमरीका या अन्य देश इन मूल्यों को दूसरे देशों के इतिहास और संस्कृति को जाने बिना, उन पर थोपने की सोचने लगे.''
ओबामा बुधवार को सऊदी अरब पहुँच रहे हैं, इसके बाद चार जून को वो मिस्र पहुँचेंगे जहाँ वे इस क्षेत्र के अमरीका के साथ संबंधों पर अहम भाषण देंगे.


Click it and Unblock the Notifications