इजरायल में मिसाइल हमले से बचाव का देशव्यापी अभ्यास
इजरायल ने रविवार को पांच दिवसीय देशव्यापी नागरिक रक्षा अभ्यास की शुरुआत की। इस अभ्यास का नाम 'टर्निग प्वाइंट-3' रखा गया है और इसके तहत नागरिकों को सुरक्षा के व्यापक तरीके बताए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य कई मोर्चो से सैकड़ों बड़ी और छोटी दूरी की मिसाइलों के हमले से निपटने की तैयारी करना है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस अभ्यास का संबंध ईरान से जोड़ने से इंकार किया। इस अभ्यास को ईरान पर इजरायल के संभावित हमले की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञ इसे ईरान की बजाए वर्ष 2006 में शिया संगठन हिजबुल्ला से संघर्ष और हाल में गाजा पट्टी में हुई लड़ाई के अनुभवों से प्रेरित मान रहे हैं। इन संघर्षो के दौरान इजरायल पर 5,000 से अधिक राकेट हमले हुए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक यह अभ्यास देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा अभ्यास है। इस अभ्यास को मंगलवार को पूरे देश में फैला दिया गया।
इजरायली मंत्रिमंडल ने रविवार को विशेष सत्र में इस सैन्य अभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने अपना आपातकालीन मुख्यालय खोल दिया है, जिससे अभ्यास को विविध आयाम दिए जा सकें।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट मंत्रियों से कहा कि यह अभ्यास एक नियमित प्रक्रिया है और यह किसी के खिलाफ नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपातकाल में अपनी तैयारियों का जायजा लेने के लिए यह नियमित कार्रवाई है। इसे किसी खुफिया जानकारी के आधार पर नहीं की किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वह इजरायल, इसके नगरों और विभिन्न प्रतिष्ठानों की संभावित मिसाइल अथाव राकेट हमले की स्थिति में सुरक्षा चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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