एक और भारतीय छात्र पर हमला, आस्ट्रेलिया की सख्त कानून की योजना (राउंडअप)
आस्ट्रेलिया में मंगलवार को 21 वर्षीय छात्र पर हमला किया गया। समाचार पत्र 'द एज' के अनुसार चिश्लोम कॉलेज डेंडनोंग के छात्र को कुछ लोगों ने रोक कर उससे सिगरेट और पैसों की मांग की। इंकार करने पर उनमें से एक ने छात्र पर चाकू से हमला किया।
विक्टोरिया पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला मंगलवार 1.30 बजे उस समय हुआ जब वह कॉलेज से निकल रहा था। तभी पार्किं ग स्थल के समीप पांच व्यक्तियों ने उसे रोककर उससे सिगरेट और पैसे मांगे। पुलिस ने बताया कि छात्र ने हमलावरों से कहा कि वह सिगरेट नहीं पीता, इस पर उन्होंने पैसों की मांग रख दी। छात्र के इंकार करने पर उसकी छाती पर चाकू से वार किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि चोट मामूली है और छात्र को अस्पताल ले जाने की नौबत नहीं आई।
30 मई को आशीष सूद नाम के छात्र के साथ मारपीट की गई थी। उसे गंभीर चोटें आने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इससे पहले भारतीय छात्रों को निशाना बनाने की चार घटनाएं हुई थीं। श्रवण कुमार नाम के 25 वर्षीय भारतीय छात्र पर हमलावरों ने कथित तौर पर नस्लीय टिप्पणी की और पेचकस से वार किया। बलजिंदर सिंह नाम के एक अन्य छात्र के साथ लूटपाट के बाद उसे चाकू घोंप दिया गया।
21 वर्षीय सौरभ शर्मा पर किए गए हमले में उसकी गाल की हड्डी और एक दांत टूट गया था। सिडनी में राजेश कुमार नाम के छात्र पर पेट्रोल बम से हमला किया गया जिससे वह 30 प्रतिशत जल गया।
भारतीय छात्रों के खिलाफ मेलबर्न में बढ़ी हिंसा के कारण विक्टोरिया प्रांत की सरकार ने एक योजना को आगे बढ़ाया है, जिससे नस्लीय हिंसा के अपराधियों को कड़े दंड का प्रावधान होगा। मेलबर्न विक्टोरिया प्रांत की राजधानी है।
अटार्नी-जनरल रॉब हल्स द्वारा पेश योजना के अनुसार न्यायाधीशों को अपराधियों को दंड देने के प्रमुख कारण के रूप में "लोगों के एक विशेष समूह के खिलाफ घृणा या हिंसा" को ध्यान में रखना होगा।
समाचार पत्र 'द एज' ने मंगलवार को कहा कि पीड़ितों के साथ अपराध के नस्ल,धर्म या लिंग आधारित होने पर कड़ा दंड लागू होगा।
इस बीच तिरूवनंतपुरम में प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री वायलार रवि ने कहा कि आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हो रहे हमलों को देखते हुए उनका मंत्रालय विदेशों में अध्ययन करने वाले सभी छात्रों का रिकार्ड रखने और विदेशी विश्वविद्यालयों में उनके दाखिले को आसान बनाने की तैयारी कर रहा है।
रवि ने राज्य कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, "मैं पहले ही विदेशों में पढ़ने वाले अपने देश के छात्रों का रजिस्टर बनाने के मुद्दे पर चर्चा कर चुका हूं। हम इस पर काम कर रहे हैं और बहुत शीघ्र इस पर अमल होगा।"
उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि विदेशी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों का दाखिला कराने वाले कुछ एजेंट इस काम को उचित तरीके से नहीं कराते। इसे भी ठीक किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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