भारत ने हाफिज सईद की रिहाई पर निराशा जताई

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान की एक अदालत द्वारा लश्कर-ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की रिहाई पर निराशा व्यक्त करते हुए भारत ने मंगलवार को कहा कि इससे मुंबई आतंकवादी हमलों की जांच के बारे में पाकिस्तान की गंभीरता पर सवालिया निशान लग गया है।

लाहौर उच्च न्यायालय के इस फैसले के तत्काल बाद संवाददाताओं से बातचीत में गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है, "हमें दुख है कि पाकिस्तान ने इस अपराध के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।"

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हाफिज सईद की रिहाई से हमें निराशा हुई है।"

सईद जमात-उद-दावा और लश्कर-ए तैयबा जैसे संगठनों का प्रमुख है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र ने अल कायदा से संबद्ध संगठनों की सूची में डाल रखा है। इसका जिक्र करते हुए प्रकाश ने कहा कि इन संगठनों से संबद्ध होने की वजह से सईद को विशेष रूप सूची में डाला गया है। उन्होंने कहा कि यह अफसोसनाक है कि सईद के अतीत तथा अंतर्राष्ट्रीय जगत के समक्ष व्यक्त की गई प्रतिबद्धताओं के बावजूद उसे रिहा कर दिया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि सईद, लश्कर-ए तैयबा और जमात-उद-दावा लंबे अर्से से भारत के खिलाफ आतंकवादी वारदातों की साजिश रचते और उन्हें अंजाम देते आए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि उसकी विचारधारा और सार्वजनिक बयानबाजी से उसके आंतकवादी रुझानों के बारे में कोई संदेह नहीं रहता।

सईद की रिहाई से पाकिस्तान से गतिवधियां चलाने वाले आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों से कड़ाई से निपटने की पड़ोसी देश की क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के इन कदमों से उस साजिश की जांच पर सवालिया निशान लग गया है जिसके तहत मुंबई आतंकवादी हमले की योजना बनाई और अमल में लाई गई। इस हमले में विदेशी नागरिकों सहित सैंकड़ों लोग मारे गए थे।"

प्रवक्ता ने बताया, "अपनी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप अभी तक की जांच में हुई प्रगति की जानकारी भी पाकिस्तान द्वारा अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।"

इससे पहले लाहौर उच्च न्यायालय ने अपर्याप्त सबूतों का हवाला देते हुए मंगलवार को सईद को रिहा कर दिया गया था।

सईद को दिसंबर में हिरासत में लिया गया था। उसे शुरुआत में एक महीने के लिए हिरासत में लिया गया था। बाद में उसकी हिरासत की अवधि बढ़ती गई और पांच मई को उसकी हिरासत 60 दिन बढ़ा दी गई।

मुंबई हमलों के सिलसिले में एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब ने कबूल किया है कि वह पाकिस्तानी है और मुंबई हमलों के उसे लश्कर ने प्रशिक्षित किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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