'भारतीय छात्र मेहमान हैं, उनका स्वागत है'

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री केविन रड ने वहाँ भारतीय छात्रों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि भारतीय छात्र वहाँ पर अतिथि हैं और उनका स्वागत है.
भारतीय छात्रों पर पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया में हुए हमलों को 'नस्लभेदी हमला' कहा गया है और ये मसला दोनों देशों के बीच एक कूटनीतिक मसला बन चुका है.
उन हमलों में एक भारतीय छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ है. इन हमलों के विरोध में रविवार को भारतीय छात्रों के संगठन फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन स्टूडेंट्स इन ऑस्ट्रेलिया और नेशनल यूनियन ऑफ़ स्टूडेंट्स ने एक रैली का आयोजन किया था.
उस दौरान वहाँ हुई कुछ तोड़-फोड़ के लिए एक छात्र को गिरफ़्तार किया गया था. इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र वहाँ रात भर बैठे रहे और उनमें से 18 छात्रों को पहले पुलिस ने हिरासत में लिया फिर छोड़ दिया.
भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रड से फ़ोन पर बात करके इन हमलों पर चिंता जताई थी.
संसद में बयान
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने इस बारे में संसद में बयान दिया है. इसके बाद रड ने सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई संसद में इस मसले पर बयान दिया.
उन्होंने कहा, "मैं सभी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की ओर से कहता हूँ कि हम इन हमलों की निंदा करते हैं. जो लोग ये हमले कर रहे हैं वे निंदनीय हैं."
रड ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर सिंह से बातचीत में कहा था कि ऑस्ट्रेलिया में मौजूद 90 हज़ार भारतीय छात्र उनके देश में अतिथि हैं जिनका हमेशा स्वागत है.
इस मसले को लेकर बात और इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि रविवार रात से जो छात्र धरने पर बैठे थे उनके साथ पुलिस के बर्ताव को ज़्यादा ही सख़्त बताया जा रहा है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी शुक्रवार को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त जॉन मैकार्थी को बुलाकर नाराज़गी जताई थी. लेकिन उनका कहना था कि ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए सभी हमले नस्लभेदी नहीं कहे जा सकते. वहीं ऑस्ट्रेलिया में भारत की उच्चायुक्त सुजाता सिंह ने भी पिछले हफ़्ते इस मसले पर ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों से मुलाक़ात की थी.


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