नेपाल में तीसरे भारतीय ईसाई की मौत
बुद्धा लक्ष्मी अपने पति के साथ करीब 18 वर्ष पहले बेहतर भविष्य की तलाश में नेपाल आई थी। एक छद्म आतंकवादी संगठन नेपाल डिफेंस आर्मी (एनडीए) ने काठमांडू घाटी के ललितपुर में एक गिरजाघर में प्रार्थना के दौरान हुए विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी।
बुद्धालक्ष्मी की 15 वर्षीय पुत्री की मौत पहले ही हो चुकी है। एक अन्य मृतक 30 वर्षीय महिला दीपा पैट्रिक थी जो पटना से अपने पति विकास के साथ हनीमून मनाने नेपाल आई थी।
इससे पहले भी एनडीए पर दक्षिणी नेपाल में दो मस्जिदों और पूर्वी शहर बिराटनगर में एक गिरजाघर में बम विस्फोट करने का आरोप लग चुका है।
घटनास्थल पर छोड़े गए एक पर्चे में एनडीए प्रमुख राम प्रसाद मनियाली ने कहा कि विस्फोट नेपाल के करीब 10 लाख ईसाइयों को देश छोड़ने की चेतावनी है। एनडीए का कहना है कि वह देश में हिंदुत्व की स्थापना करना चाहता है।
प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने अपने कार्यकाल की शुरुआत गिरजाघर और उन दो अस्पतालों के दौरे से की, जहां घायल लोग इलाज के लिए भर्ती हैं।
सुरक्षा की मांग को लेकर रविवार को ईसाइयों ने राजधानी में प्रदर्शन भी किया। बुद्धा लक्ष्मी का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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